दिव्यांश ऑनिक्स में मां दुर्गा को दी गई भावभीनी विदाई, सिंदूर खेला में दिखा आस्था और उल्लास का संगम
सोसाइटी में नौ दिनों तक चला दुर्गा पूजा का उत्सव, दशहरे पर विधि-विधान से हुआ विसर्जन
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। एनएच-24 स्थित दिव्यांश ऑनिक्स सोसाइटी में नवरात्रि के नौ दिनों तक चले दुर्गा पूजा उत्सव का समापन दशहरे के दिन श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ। इस अवसर पर सिंदूर खेला की परंपरा निभाई गई और विधि-विधान से मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी गई। पूरे आयोजन के दौरान सोसाइटी का माहौल भक्तिमय बना रहा।

नवरात्रि के दौरान सोसाइटी में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूजा-अर्चना से लेकर उत्सवी आयोजनों तक, निवासियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। दशहरे के दिन सिंदूर खेला के साथ उत्सव ने विशेष रंग लिया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि और सभी के कल्याण की कामना की।
आस्था के साथ दिखी सामुदायिक एकजुटता

दुर्गा पूजा का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सोसाइटी के निवासियों को एक मंच पर लाने का माध्यम भी बना। आयोजन में लोगों की सहभागिता और आपसी सहयोग ने उत्सव को खास बना दिया। मां दुर्गा की विदाई के साथ नौ दिनों से जारी धार्मिक अनुष्ठानों का समापन हुआ।
इस आयोजन को सफल बनाने में निधि सक्सेना, इशिता सक्सेना, निधि शर्मा, हरीश शर्मा, सुनील चौधरी, पवन सक्सेना, संतोष फुलोरिया, जीतेन्द्र शर्मा और हेमन धूपर सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।
रुचिरा सफायर में रावण दहन के साथ दशहरे का उत्सव

रुचिरा सफायर सोसाइटी में दशहरे के अवसर पर रावण दहन का आयोजन किया गया। दशहरा बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। रावण दहन इसी परंपरा को जीवंत करते हुए लोगों को सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। सोसाइटी में इस आयोजन के जरिए दशहरे के पारंपरिक महत्व को रेखांकित किया गया।
