October 24, 2026
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प्रयागराज, काशी और अयोध्या ने दिखाया भारत का पोटेंशियल : मुख्यमंत्री

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-मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को किया महाराष्ट्र से आये ‘युवा उद्यमियों से संवाद’
-महाकुम्भ का विरोध करने वालों से बेहतर है हमारी इकॉनमिक्स: सीएम योगी
-अब तक 53 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कर चुके स्नान : मुख्यमंत्री
-एक वर्ष में राम मंदिर में आया 700 करोड़ का चढ़ावा: मुख्यमंत्री
-प्रयागराज में निवेश करने वाले निवेशक ने 21 दिन में 14 करोड़ मूलधन और इतना ही लाभ भी कमाया: सीएम
-आठ वर्ष में यूपी ने काफी प्रगति की, अब त्योहारों पर चीन के नहीं, ओडीओपी उत्पाद के दिए जाते हैं उपहार: योगी

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अपनी संस्कृति और परम्पराओं को सम्मान देकर किस तरह देश की एकता और आर्थिकी को प्रोत्साहित किया जा सकता है, यह महाकुम्भ के अवसर पर सहज ही अनुभव किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या, काशी और प्रयागराज में जिस प्रकार श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है, उसने भारतीय संस्कृति को नई पहचान तो दी ही है, अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बूस्ट दिया है। अयोध्या, काशी और प्रयागराज ने भारत के पोटेंशियल को दशार्या है।
मुख्यमंत्री योगी, सोमवार को महाराष्ट्र से आये ‘युवा उद्यमियों से संवाद’ कर रहे थे। युवा भारत संस्था के तत्वावधान में मुंबई के औद्योगिक घरानों से जुड़े उद्यमी संवाद में शामिल हुए। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने महाकुम्भ पर उंगली उठाने वालों को भी करारा जवाब दिया। बोले कि, महाकुम्भ का विरोध करने वालों से हमारी इकॉनमिक्स बेहतर है। उन्होंने उद्यमियों से पूछा कि अगर केंद्र व राज्य की तरफ से मिलकर 7500 करोड़ रुपये खर्च करके अर्थव्यवस्था में तीन से साढ़े तीन लाख की अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है तो कौन सा सौदा सही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या, प्रयागराज, काशी, चित्रकूट, गोरखपुर, नैमिषारण्य में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। अयोध्या में सड़क चौड़ीकरण, इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम के दौरान यह लोग विरोध कर रहे थे, लेकिन जब सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति से निर्णय लिया तो रिजल्ट सामने है। एक वर्ष में रामजन्मभूमि मंदिर में 700 करोड़ का चढ़ावा आया। इन लोगों को अब यह भी बुरा लगेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुम्भ में अब तक 53 करोड़ श्रद्धालु संगम में आस्था की पावन डुबकी लगा चुके हैं। अगले 9 दिन तक यह उत्सव इसी रूप में चलेगा। यही भारत की पोटेंशियल है। भारत की आस्था को यदि सम्मान दिया गया होता तो भारत और भी ऊंचाइयों को प्राप्त किया होता। वर्तमान में देश-दुनिया से श्रद्धालु तीनों स्थानों पर आकर भारत की आस्था को दुनिया के सामने भी दिखाकर अपनी ताकत का अहसास भी करा रहे हैं। कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य यूपी में 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में पिछले 10 वर्ष के अंदर पहली बार देश की आस्था को सम्मान प्राप्त हुआ। उन्होंने भारत के इस पोटेंशियल को पहचाना। उन स्थलों को फिर से मान्यता प्राप्त हुई, जिनके लिए भारत जाना जाता था। 500 वर्ष का इंतजार समाप्त हुआ और रामलला विराजमान हुए। 2016-17 में यूपी में जब भाजपा सरकार नहीं थी, तब यहां श्रद्धालुओं की संख्या महज 2.35 लाख हुआ करती थी, 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 14-15 करोड़ से अधिक रही। सीएम ने कहा कि अयोध्या के विकास के लिए जो कुछ भी हो रहा है, वह श्रद्धालुओं के सहयोग का परिणाम है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम बनने के पहले काशी में भी श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम थी, आज काफी अधिक हो चुकी है। परसों काशी में स्थानीय लोगों से बात की तो मुझे बताया गया कि काशी में इतनी भीड़ कभी नहीं देखी, जितनी पिछले डेढ़ महीने से देख रहे हैं। 2013 में प्रयागराज कुम्भ में 55 दिन के आयोजन में 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे। 2019 में अर्धकुम्भ को हमने कुम्भ के रूप में आयोजित किया, तब लगभग 24 करोड़ श्रद्धालु आए थे। इस बार प्रयागराज महाकुम्भ में 45 दिन के आयोजन में बीते 36 दिन में 53 करोड़ श्रद्धालु आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 35 दिन के अंदर 40 रूटीन के साथ फ्लाइट के साथ ही 700 से अधिक चार्टर उतरे हैं। रेलवे को प्रतिदिन सैकड़ों मेला स्पेशल रेल चलानी पड़ रही है। परिवहन निगम की 14 हजार बसों का बेड़ा चल रहा है। उन्होंने बताया कि 28 से 30 जनवरी तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। 28 को लगभग साढ़े पांच करोड़, 29 जनवरी को लगभग आठ करोड़ व 30 जनवरी को ढाई करोड़ श्रद्धालु आए थे। केंद्र व राज्य सरकार ने अपने स्तर पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। इंफ्रास्ट्रक्चर-कनेक्टिविटी अच्छी हो, मेले का विस्तार हो, संगम में जल की प्रचुर मात्रा हो। इस पर पहले से एक्सरसाइज की गई। हमें सफलता प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक निवेशक प्रयागराज में निवेश करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि आस्था के अनुरूप द्वादश ज्योर्तिलिंग की रिप्लिका बनाएंगे। उनसे कहा गया कि रॉ मटेरियल (पुराना लोहा, फाइबर, टायर, स्टील) का इस्तेमाल करते हुए इसे बनाओ। उन्होंने कहा कि पैसा मैं लगाऊंगा, प्रॉफिट 50-50 होगा। इसके लिए नगर निगम ने 11 एकड़ लैंड भी उपलब्ध कराई। जनवरी प्रथम सप्ताह में मैंने इसका उद्घाटन भी किया। उस संस्था ने 14 करोड़ रुपये लगाया। महज 21 दिन में मूलधन व इतना ही मुनाफा कमाया। फिर नगर निगम को भी प्रॉफिट दिया। सीएम ने कहा कि अनुमान है कि स्नानार्थियों की संख्या 60 करोड़ तक पहुंचती है तो यूपी की जीडीपी में सवा तीन से साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी होने वाली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से 2018 में हमने ओडीओपी योजना लागू की। यूपी के परंपरागत एमएसएमई सेक्टर के प्रोडक्ट की मैपिंग की। हर जिले के प्रोडक्ट को आइडेंटिफाई किया। हमने डिजाइनिंग, पैकेजिंग, टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग में मदद की तो हमारा एक्सपोर्ट बढ़ा। यूपी ने देश को नया ब्रांड दे दिया। इससे लाखों लोगों को रोजगार देने में हमें सफलता मिली। होली, दीपावली आदि त्योहारों पर कभी यहां का बाजार चीन के प्रोडक्ट से पटा होता था, आज समाप्त हो गया। अब उपहार के रूप में लोग ओडीओपी का उत्पाद देते हैं।आज अकेले मुरादाबाद से 16-17 हजार करोड़ रुपये के उत्पाद एक्सपोर्ट होते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि यूपी ने पिछले आठ वर्ष के अंदर काफी प्रगति की है। यूपी ने अनेक रिफॉर्म भी किए। यूपी के प्रति बदली धारणा, निवेश प्रस्तावों, सुरक्षा व कानून व्यवस्था की बेहतरीन स्थिति है। पीएम मोदी की अपेक्षा पर खरा उतरने के लिए हर कदम उठाए। प्रदेश निवेश के बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप में उभरे, इसके लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म व लैंड बैंक दिया। हर स्तर पर मॉनीटरिंग के मैकेनिज्म को मजबूत किया। अब हर कोई यूपी में निवेश करना चाहता है। यहां निवेश, पुलिस के आधुनिकीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर समेत अलग-अलग सेक्टर में काम हुआ है।
सीएम योगी ने कहा कि 57000 ग्राम पंचायतों में हर गांव में पांच से छह रोजगार का सृजन किया। साफ-सफाई से लेकर बैंकिंग, कंप्यूटर आॅपरेटर से लेकर ट्यूबवेल आॅपरेटर तक का कार्य ग्रामीणों को दिया गया। गांव आज आत्मनिर्भर हो रहे हैं। 65-70 फीसदी आबादी अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। शहरीकरण हमारे यहां काफी देर से प्रारंभ हुआ। यूपी के पास देश के काफी महानगर हुआ करते थे, लेकिन समय के अनुरूप माहौल न होने के कारण एक समय ऐसा आया कि जब व्यवस्था ठप सी हो गई, लेकिन आज यूपी के महानगर नई दूरी तय करने के लिए उतावले दिख रहे। अर्बनाइजेशन बढ़ा तो सुविधाएं दोगुनी गति से बढ़ाई गईं। इसके लिए सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए।
इस दौरान युवा उद्यमी अभिनंदन लोढ़ा आदि मौजूद रहे। सीएम ने उद्यमियों के प्रश्नों का उत्तर भी दिया।
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