राजनगर एक्सटेंशन की ‘हम-तुम रोड’ की बदहाली के खिलाफ NH-58 पर प्रदर्शन!
वर्षों से जानलेवा सड़क पर प्रशासन मौन!
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में स्थित सात आवासीय सोसाइटियों और मोरटा गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क, जिसे स्थानीय लोग ‘हम-तुम रोड’ के नाम से जानते हैं, आज गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन चुकी है। सड़क की स्थिति इतनी जर्जर है कि इस पर चलना खतरे को खुला निमंत्रण देने जैसा है। स्थानीय निवासी अब निरंतर धरना-प्रदर्शन पर उतारू हो गए हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बीते कई वर्षों में इस सड़क की बदहाली के चलते सैकड़ों सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा अब तक कोई स्थायी और सुरक्षित समाधान नहीं किया गया है।
गड्ढों, जलभराव और अंधे मोड़ों से भरी सड़क
हम-तुम रोड पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, धंसी हुई सतह, टूटी नालियां और बरसात में लंबे समय तक जलभराव आम बात है। सड़क पर न तो स्ट्रीट लाइट की समुचित व्यवस्था है और न ही किसी प्रकार के चेतावनी संकेत या स्पीड कंट्रोल उपाय। स्कूली बच्चों, दोपहिया सवारों, बुज़ुर्गों और महिलाओं को प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है।
दुर्घटनाएं होती रहीं, जिम्मेदारी तय नहीं
सबसे गंभीर पहलू यह है कि अब तक इस सड़क से जुड़ी किसी भी मौत या बड़ी दुर्घटना के मामले में किसी अधिकारी पर जिम्मेदारी तय नहीं हुई, किसी ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं हुई और किसी इंजीनियर से जवाबदेही नहीं मांगी गई। प्रशासनिक स्तर पर हर हादसे को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताकर मामला समाप्त कर दिया जाता है।

पहले भी हुआ विरोध, विधानसभा तक पहुंचा मुद्दा
यह समस्या नई नहीं है। पिछले वर्ष भी निलाया ग्रीन, मोती रेजीडेंसी, महक जीवन, संचार रेजीडेंसी, मीडो विस्ठा, राज विलास और दीयाग्रीन सोसाइटियों के निवासियों ने सड़क की बदहाली को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद स्थानीय विधायक अजीत पाल त्यागी ने इस मुद्दे को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाया। इसके बावजूद ज़मीनी स्तर पर न तो सड़क निर्माण शुरू हुआ और न ही किसी कार्ययोजना की सार्वजनिक घोषणा की गई।
NH-58 पर प्रदर्शन, जनता का धैर्य टूटा
सोमवार को हालात उस समय विस्फोटक हो गए, जब इन सातों सोसाइटियों के सैकड़ों निवासियों ने नेशनल हाईवे-58 पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल दीपक त्यागी, चंदन चौबे, संदीप चौहान और अंकित त्यागी सहित अन्य निवासियों ने कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। सड़क को सुरक्षित और मानक अनुरूप बनाए बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क क्षेत्र की एक प्रमुख संपर्क सड़क होने के बावजूद जानबूझकर उपेक्षित रखी गई है। प्रश्न यह भी उठ रहा है कि जब आसपास के क्षेत्रों में बार-बार सड़क मरम्मत और सौंदर्यीकरण किया जा सकता है, तो फिर इस सड़क को वर्षों से नजरअंदाज क्यों किया गया ?
जनहित से जुड़ा मुद्दा
हम-तुम रोड केवल सात सोसाइटियों की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे राजनगर एक्सटेंशन और मोरटा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था से जुड़ा जनहित का मुद्दा है। यदि समय रहते इस सड़क को तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं बनाया गया, तो भविष्य में और गंभीर दुर्घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता।
जनता का स्पष्ट कहना है कि अब यह मुद्दा केवल मांग का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है। यदि इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो आने वाली हर दुर्घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
