युवा सहकार सम्मेलन: सीएम योगी ने डीएम वाराणसी व महराजगंज को किया सम्मानित
योगी सरकार ने ‘नए भारत’ के सहकारी मॉडल का रखा खाका
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 के मौके पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि सहकारिता अब केवल ग्रामीण बैंकिंग तक सीमित अवधारणा नहीं, बल्कि रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो–2025 का भव्य आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि “सहकारिता के माध्यम से युवा शक्ति को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता है। पारदर्शिता, तकनीक और जवाबदेही के साथ सहकारी संस्थाओं को मजबूत किया गया है।”
कार्यक्रम में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों और नवाचारों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसने प्रदेश में डिजिटल पैक्स, सदस्यता विस्तार, ऋण वितरण और महिला सहभागिता की तस्वीर को सामने रखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने सहकारिता विभाग की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका का भी विमोचन किया।

उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों को मिला मंच
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और संस्थानों को सम्मानित कर साफ संकेत दिया कि परिणाम देने वाले अफसर और संस्थाएं सरकार की प्राथमिक सूची में हैं। वाराणसी के वर्तमान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार को महराजगंज, बाराबंकी और वाराणसी में सहकारिता के सर्वांगीण विकास, प्रभावी मार्गदर्शन और नवाचारों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, महराजगंज के डीएम संतोष कुमार शर्मा को एम-पैक्स सदस्यता महाभियान–2025 में प्रदेश में सर्वाधिक 1.22 लाख सदस्य जोड़ने और 28 हजार से अधिक ऑनलाइन सदस्य बनाने के लिए सम्मान मिला।

ऋण वितरण से युवाओं को संबल
सम्मेलन केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मौके पर ही युवाओं और उद्यमियों को आर्थिक संबल भी दिया गया। यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के माध्यम से सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत अजय प्रताप सिंह और दनिश्ता फातिमा को पांच–पांच लाख रुपये के ऋण चेक प्रदान किए गए। वहीं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सोनम वर्मा और मनीष कुमार भदौरिया को 25–25 लाख रुपये तथा आकांक्षा सिंह को 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वंदना तिवारी और ललिता देवी को सम्मानित किया गया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तकनीक और महिला भागीदारी के नए अध्याय का संकेत है।

एम-पैक्स सदस्यता अभियान में जिलों की होड़
एम-पैक्स सदस्यता महाभियान–2025 के अंतर्गत सर्वाधिक सदस्य जोड़ने वाले जिलों को भी सम्मानित किया गया।
महराजगंज: 1.22 लाख सदस्य (जितेंद्र बहादुर सिंह, यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड एवं एआर सुनील कुमार गुप्ता)
शाहजहांपुर: 1.08 लाख सदस्य (धर्मेंद्र प्रताप सिंह राठौर व अखिलेश प्रताप सिंह)
उन्नाव: 1.02 लाख से अधिक सदस्य (अरुण सिंह व रविंद्र कुमार सिंह)
साथ ही सर्वाधिक डिपॉजिट एकत्र करने वाले जिला सहकारी बैंकों को भी सम्मान मिला-
मेरठ: 125 करोड़ रुपये से अधिक (विमल कुमार शर्मा बैंक अध्यक्ष व विनय सिंह सचिव)
गाजियाबाद: 65.48 करोड़ रुपये से अधिक (कृष्णवीर सिंह बैंक अध्यक्ष व संदीप सिंह बैंक सचिव)
लखीमपुर खीरी: उल्लेखनीय जमा वृद्धि (विनीत मनार पटेल बैंक अध्यक्ष व सचिव सुधांशु चौधरी)
युवा सहकार सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता अब घोषणाओं का विषय नहीं, बल्कि मापने योग्य परिणामों का मॉडल बन चुकी है। सदस्यता, डिपॉजिट, ऋण वितरण और महिला सहभागिता, हर मोर्चे पर सरकार आंकड़ों के साथ अपनी उपलब्धियां रखने में सफल रही।
