September 25, 2026
[t4b-ticker]

सुप्रीम कोर्ट से नोएडा DM मेधा रूपम को बड़ी राहत, हाईकोर्ट के 5 लाख रुपये की वसूली आदेश पर रोक!

0
DF

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

नई दिल्ली/नोएडा। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम को स्टूडेंट एक्टिविस्ट आकृति चौधरी की NSA हिरासत मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के संबंधित हिस्से पर रोक लगा दी है, जिसमें मेधा रूपम की निजी सैलरी से 5 लाख रुपये की वसूली कर आकृति चौधरी को मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट की मेधा रूपम के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर भी फिलहाल रोक रहेगी।

मामला अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़ा है। आकृति चौधरी को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। 2 सितंबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी NSA हिरासत रद्द करते हुए अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर टिप्पणियां की थीं और 5 लाख रुपये मुआवजे का निर्देश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

मेधा रूपम की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल पर गौर किया कि यदि NSA के तहत हिरासत का फैसला कई स्तरों की रिपोर्ट, जांच और मंजूरियों के बाद लिया गया था, तो केवल जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है। अदालत ने मौखिक रूप से यह सवाल भी उठाया कि निर्णय प्रक्रिया में कई अधिकारी शामिल होने की स्थिति में डीएम को अलग करके 5 लाख रुपये की व्यक्तिगत देनदारी कैसे तय की जा सकती है।

हाईकोर्ट के आदेश पर सीमित रोक

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के पैराग्राफ 27 से 33 के संचालन पर रोक लगाई है। इन हिस्सों में मेधा रूपम के खिलाफ टिप्पणियां और 5 लाख की सैलरी से वसूली से जुड़े निर्देश शामिल हैं। यह अंतरिम आदेश है और इसका मतलब यह नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले का अंतिम फैसला मेधा रूपम के पक्ष में कर दिया है।

7 अक्टूबर को अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया है और मामले को 7 अक्टूबर 2026 को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। फिलहाल व्यक्तिगत वेतन-वसूली और संबंधित टिप्पणियों पर हाईकोर्ट के आदेश का प्रभाव रुका हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!