गाजियाबाद में धूमधाम से मनाई गई वीर सावरकर जयंती
बीके शर्मा ‘हनुमान’ ने बताया राष्ट्रवाद का प्रेरणास्रोत
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। कवि नगर स्थित डायमंड चौराहा पर हर विलास गुप्ता शहीद स्मारक फाउंडेशन के तत्वावधान में गुरुवार को वीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राष्ट्रवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर वीर सावरकर के चित्र एवं प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा ‘हनुमान’ ने कहा कि वीर सावरकर भारत के महान क्रांतिकारी थे। उन्होंने कहा कि सावरकर केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि इतिहासकार, समाज सुधारक, साहित्यकार, चिंतक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता भी थे। उनके विचार और लेखन भारतीय क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने। उन्होंने कहा कि सावरकर की पुस्तकें क्रांतिकारियों के लिए गीता के समान थीं और उनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा एवं स्वराज्य की प्राप्ति के लिए समर्पित रहा।
कार्यक्रम के आयोजक एवं परमार्थ समिति के चेयरमैन वीके अग्रवाल ने वीर सावरकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर गांव में हुआ था। बचपन से ही उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल थी। उन्होंने युवावस्था में ‘मित्र मेला’ नामक गुप्त संगठन बनाकर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। बंग-भंग आंदोलन के दौरान विदेशी वस्त्रों की होली जलाकर उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया।

उन्होंने बताया कि सावरकर ने लंदन में रहकर इंडिया हाउस के माध्यम से क्रांतिकारी गतिविधियों को मजबूती दी और ‘द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस-1857’ जैसी ऐतिहासिक पुस्तक लिखकर 1857 की क्रांति को भारत की पहली स्वतंत्रता लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर ने अंडमान की सेल्युलर जेल में अमानवीय यातनाएं सहते हुए भी अपने विचारों और लेखनी को जीवित रखा। जेल की दीवारों पर कील और कोयले से कविताएं लिखना उनके अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का उदाहरण है।
वक्ताओं ने कहा कि सावरकर आजीवन अखंड भारत के समर्थक रहे और उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अनेक संघर्ष किए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रायोजक राजीव मोहन एवं रवि मोहन, साठे ग्रुप, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अतुल जी, विभाग संयोजक सुशील जी, लोकेश सिंघल, अजय अग्रवाल, अरविंद गुप्ता, डीके मित्तल, प्रदीप गुप्ता, हेमंत कौशल, गौरव अग्रवाल, बसंत मोहन अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, सुनील शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
