27वीं मंजिल पर जिंदगी से जंग, 20 मिनट तक नहीं बंद हुआ लिफ्ट का दरवाजा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सिटी-1 सोसायटी में इमरजेंसी के दौरान सामने आई लिफ्ट की बड़ी खामी, अस्थमा पीड़ित 75 वर्षीय बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। हाईराइज सोसाइटियों में लिफ्ट सुरक्षा और रखरखाव को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी-1 की 7वीं एवेन्यू सोसायटी में बीते शनिवार सुबह एक 75 वर्षीय अस्थमा पीड़ित बुजुर्ग को अस्पताल ले जाते समय लिफ्ट में आई तकनीकी खराबी ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी। आरोप है कि लिफ्ट का दरवाजा बंद नहीं होने के कारण मरीज को नीचे लाने में करीब 20 मिनट की देरी हुई, जिससे उनकी स्थिति और अधिक बिगड़ गई।
27वीं मंजिल से नीचे लाने में आई परेशानी
जानकारी के अनुसार टावर-डी में रहने वाले बुजुर्ग की अचानक तबीयत खराब हो गई। सांस लेने में दिक्कत बढ़ने पर परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाई और उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू की। स्ट्रेचर पर मरीज को लेकर परिजन 27वीं मंजिल से नीचे आने के लिए बड़ी लिफ्ट में पहुंचे, लेकिन लिफ्ट का दरवाजा बंद ही नहीं हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार प्रयास करने के बावजूद लिफ्ट चालू नहीं हुई। इस दौरान मरीज और परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में अन्य निवासियों की मदद से किसी तरह बुजुर्ग को नीचे लाकर अस्पताल भेजा गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लिफ्ट का दरवाजा खुला दिखाई दे रहा है और लोग उसे चालू कराने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोसाइटी प्रबंधन और मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
निवासियों ने उठाए रखरखाव पर सवाल
सोसायटी निवासियों ने बताया कि परिसर में हजारों परिवार रहते हैं और निवासियों से नियमित रूप से भारी मेंटेनेंस शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं में लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी गंभीर मरीज या आपातकालीन स्थिति में रहने वाले व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाए तो ऐसी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
लिफ्ट सुरक्षा पर फिर खड़े हुए सवाल
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हाईराइज सोसाइटियों में लिफ्ट खराब होने, अचानक रुकने और रखरखाव में लापरवाही की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। निवासियों का कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में लिफ्ट का सुचारु रूप से कार्य करना बेहद जरूरी है, लेकिन कई बार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
घटना के बाद निवासियों ने लिफ्टों का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराने, नियमित सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने और आपातकालीन स्थितियों के लिए प्रभावी प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।
