दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री, घटना पर जताया दुःख, कहा दोषी बचेंगे नहीं
5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, आवास और सरकारी योजनाओं का लाभ
विवेचना में लापरवाही पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश।
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। मेरठ की दिवंगत दलित छात्रा ललिता गौतम प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कड़ा रुख अपनाते हुए गाजियाबाद स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिजनों को सांत्वना दी और स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस जघन्य अपराध का कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा तथा सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मामले की विवेचना की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अभियोजन की प्रभावी पैरवी कर दोषियों को जल्द से जल्द कठोरतम सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक विधिक कदम उठाने के निर्देश दिए।
पीड़ित परिवार के लिए तत्काल राहत का ऐलान
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मृतका के पिता तथा परिवार के एक अन्य पात्र सदस्य को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परिवार को आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड सहित सभी पात्र सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें हरसंभव सहायता मिल सके।
अधिकारियों को स्पष्ट संदेश, न्याय में कोई ढिलाई नहीं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पीड़ित परिवार को शीघ्र और निष्पक्ष न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के साथ-साथ यदि किसी स्तर पर जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
इस दौरान समाज कल्याण मंत्री एवं मेरठ के जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।
