1857 के रणबांकुरे की धरती ‘दादरी’ पर 14 अगस्त को गूंजेगा आजादी का जयघोष
80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में अमर शहीद राव उमराव सिंह भाटी की स्मृति में भारतीय किसान यूनियन मंच के तत्वावधान में आयोजन
स्मृति स्थल की साफ-सफाई और तैयारियां शुरू
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
दादरी। जिस धरती ने 1857 की क्रांति में अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती देने वाले वीर योद्धाओं को जन्म दिया, उसी धरती पर एक बार फिर राष्ट्रभक्ति का जयघोष गूंजने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय किसान यूनियन मंच द्वारा 14 अगस्त को अमर शहीद राव उमराव सिंह गुर्जर के स्मृति स्थल पर एक देशभक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस के 80वें वर्ष के उपलक्ष्य में होने वाले इस आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। स्मृति स्थल की साफ-सफाई और कार्यक्रम स्थल को व्यवस्थित करने का काम किया जा रहा है।
शहीद स्थल की बदहाली पर प्रशासन से सवाल

कार्यक्रम की तैयारियों के बीच भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनमिंदर भाटी ने नगर पालिका और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अमर शहीद के स्मृति स्थल के आसपास पर्याप्त साफ-सफाई नहीं रहती और क्षेत्र में कथित रूप से अतिक्रमण की स्थिति भी बनी हुई है। इसके बावजूद संबंधित विभागों और जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि जिस स्थान पर देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारी की स्मृति जुड़ी हो, उसके आसपास गंदगी और अतिक्रमण की स्थिति रहना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से शहीद स्थल और उसके आसपास के क्षेत्र की नियमित सफाई कराने तथा अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
1857 के महानायक को नमन
मंच के नेता अजब सिंह भाटी ने कहा कि बाबा राव उमराव सिंह गुर्जर का नाम दादरी और आसपास के क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। 1857 की क्रांति में उनके साहस, संघर्ष और बलिदान की गाथा आज भी क्षेत्र की पीढ़ियों को प्रेरित करती है। ऐसे महान क्रांतिकारी की स्मृति में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह उनके बलिदान को नमन करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ने का अवसर भी होगा।
14 अगस्त को उमड़ेगा राष्ट्रप्रेम
आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे 14 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में स्मृति स्थल पर पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं। मंच का कहना है कि यह आयोजन शहीदों के सम्मान, राष्ट्रभक्ति और अपनी ऐतिहासिक विरासत को याद करने का अवसर है।
