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निगम बनाम नगर: हाउस टैक्स पर मंगलवार के बाद होगा बड़ा आंदोलन ??

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राहुल गाँधी तक पंहुचा हाउस टैक्स बढ़ोतरी का मामला 

बढ़े हाउस टैक्स को लेकर आर-पार की लड़ाई

आंदोलनकारियों ने कहा, पुरानी दरों से ही हो वसूली

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। हाउस टैक्स में कथित बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ गाजियाबाद में शुरू हुआ आंदोलन अब सिर्फ धरने तक सीमित नहीं रहा। नवयुग मार्केट में हाउस टैक्स विरोधी संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना आज पांचवें दिन भी जारी है और आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि मांग पूरी होने तक लड़ाई जारी रहेगी।

संघर्ष समिति की मांग है कि निगम प्रशासन बढ़े हुए हाउस टैक्स के आदेश को तत्काल वापस ले और वर्ष 2024 में निर्धारित दरों के आधार पर ही हाउस टैक्स की गणना और वसूली की जाए।

मंगलवार के बाद आंदोलन होगा बड़ा

राजकिशोर गुप्ता, संघर्ष समिति के संयोजक

संघर्ष समिति के संयोजक और गाजियाबाद सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकिशोर गुप्ता ने आंदोलन को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उनका कहना है कि मंगलवार को शिवरात्रि के बाद आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है। यानी आने वाले दिनों में धरना और प्रदर्शन और बड़ा होने की तैयारी है।

राजकिशोर गुप्ता ने यह भी दावा किया कि मामला अब दिल्ली तक पहुंच चुका है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आंदोलन में शामिल होने की संभावना है। उनके मुताबिक कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री सतीश शर्मा एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राहुल गांधी से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात करने गए हैं।

हालांकि, राहुल गांधी की ओर से आंदोलन में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

शहर में ‘टैक्स वार‘: व्यापारी से लेकर RWA तक साथ

आंदोलन को अब शहर के अलग-अलग वर्गों का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। संघर्ष समिति के मुताबिक विभिन्न व्यापारी संगठनों के साथ RWA फेडरेशन, राजनीतिक दल, सेक्टरों की RWAs और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन भी आंदोलन के समर्थन में हैं।

यानी मामला अब सिर्फ व्यापारियों का नहीं रहा, घर, दुकान और सोसायटी, सभी पर पड़ने वाले टैक्स का मुद्दा बन गया है।

 

इस बार आर-पार की लड़ाई

राजकिशोर गुप्ता ने कहा है कि इस बार आर-पार की लड़ाई है। उनके मुताबिक शहरवासी आंदोलन को लगातार समर्थन दे रहे हैं। लोग धरने में पहुंच रहे हैं और आर्थिक सहयोग भी भेज रहे हैं। समिति ने आर्थिक सहयोग के लिए QR कोड भी जारी किया है, जिसके जरिए लोग सीधे आंदोलन में योगदान कर सकते हैं।

73 साल के बुजुर्ग ने दिए 5,100: बोले, नगर निगम ने छल किया

डॉ सत्यप्रकाश गोस्वामी

इस आंदोलन में लोगों के समर्थन की एक अलग तस्वीर भी सामने आई है। गुलमोहर एन्क्लेव निवासी 73 वर्षीय डॉ सत्यप्रकाश गोस्वामी स्वास्थ्य कारणों से धरने में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। लेकिन उन्होंने आंदोलन के लिए 5,100 रुपये का सहयोग दिया है। उनका आरोप है कि नगर निगम ने शहर की जनता के साथ छल किया है।

उनका कहना है कि लोगों को बार-बार भरोसा दिया गया कि पुरानी दरों पर ही हाउस टैक्स की वसूली होगी, लेकिन इसके बावजूद बढ़ी हुई दरों पर टैक्स के नोटिस भेजे जा रहे हैं।

अब निगम के ‘70% टैक्स कम’ वाले दावे पर बवाल

इसी बीच नगर निगम की ओर से जारी बयान ने विवाद को और हवा दे दी है। निगम का कहना है कि छोटे दुकानदारों पर टैक्स 70 प्रतिशत घटाया गया है। लेकिन भाजपा के पूर्व पार्षद मुनींद्र आर्य ने इस दावे पर ही सवाल खड़ा कर दिया।

आर्य ने नगर निगम के बयान को ‘सफेद झूठ’ बताया और दावा किया कि 70 प्रतिशत कम टैक्स की व्यवस्था कोई नई घोषणा नहीं है। उनके मुताबिक यह व्यवस्था तो 13 जुलाई 2019 के शासनादेश संख्या 1302/9-9-2019 से ही लागू है।

आर्य का आरोप: पुराने आदेश को नई राहत बताकर गुमराह कर रहा निगम

मुनींद्र आर्य का आरोप है कि नगर निगम पुराने शासनादेश को ही नए फैसले के रूप में प्रचारित कर रहा है। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने और हाउस टैक्स आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताया है।

अब सवाल सीधा है- 

अगर 70 प्रतिशत की राहत वर्ष 2019 से लागू थी, तो नगर निगम इसे अब नई राहत के तौर पर क्यों बता रहा है ?

 सवाल, जिन पर घिरा नगर निगम

जब पुरानी दरों पर वसूली का भरोसा दिया गया था, तो बढ़ी दरों पर नोटिस क्यों ?

 2019 में लागू राहत को अब नई घोषणा के तौर पर पेश करने की जरूरत क्यों पड़ी ?

गाजियाबाद में टैक्स की लड़ाई अब सियासी मोड़ पर

पांच दिन से चल रहा धरना अब नगर निगम प्रशासन के लिए चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। एक तरफ आंदोलनकारी पुरानी दरों पर टैक्स वसूली की मांग पर अड़े हैं, दूसरी तरफ नगर निगम अपनी ओर से दी जा रही राहत का दावा कर रहा है। इसी बीच राहुल गांधी तक मामला पहुंचने की बात ने आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के संकेत दे दिए हैं। समाजवादी पार्टी सहित अन्य राजनैतिक दलों के नेता भी लगातार धरने में शामिल हो रहे हैं। 

मंगलवार के बाद क्या होगा ?

क्या धरना बड़ा आंदोलन बनेगा ?

क्या विपक्ष के बड़े नेता गाजियाबाद पहुंचेंगे ?

क्या नगर निगम बढ़े हुए हाउस टैक्स पर पीछे हटेगा ?

या फिर शहर में शुरू हुआ यह ‘हाउस टैक्स वार’ और तेज होगा ?

फिलहाल इतना तय है कि गाजियाबाद में हाउस टैक्स का मुद्दा अब गर्म है और पांचवें दिन के बाद इसकी तपिश और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

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