महागुनपुरम की 14वीं मंजिल का राज: प्रथम की मौत पर चार दिन बाद भी सवाल बरकरार
मां का आरोप! इंतजार किए बिना पुलिस ने कराया पंचनामा, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
बॉक्सिंग कोच बोले, ‘प्रथम’ आत्महत्या नहीं कर सकता
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। महागुनपुरम सोसायटी में 13 अगस्त को हुई 18 वर्षीय बॉक्सर प्रथम सिंह की मौत को चार दिन गुजर चुके हैं, लेकिन इस घटना का रहस्य अभी भी बरकरार है। 14वीं मंजिल से गिरकर हुई प्रथम की मौत को लेकर एक तरफ पुलिस इसे उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच रही है, तो दूसरी तरफ परिवार के आरोप, प्रथम से जुड़े लोगों के बयान और घटनाक्रम की कुछ कड़ियां ऐसे सवाल खड़े कर रही हैं, जिनका जवाब अब पुलिस को तलाशना होगा।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 13 अगस्त को महागुनपुरम की 14वीं मंजिल पर हुआ क्या था ?
वेव सिटी की ड्रीम होम्स सोसाइटी में रहने वाले प्रथम के पिता अमित कांत की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में उसकी प्रेमिका और उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह आशंका भी जताई गई कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोसायटी के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
लेकिन अब प्रथम की मां नीतू रानी के आरोपों ने मामले में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है।
मां का आरोप! हमारा इंतजार तक नहीं किया
गाजियाबाद के इंग्राहम इंस्टीट्यूट में केमिस्ट्री की अध्यापिका प्रथम की मां नीतू रानी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने उनका इंतजार किए बिना, उनकी अनुपस्थिति में प्रथम के शव का पंचनामा भर दिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नीतू रानी सोमवार को परिजनों और अन्य रिश्तेदारों के साथ पुलिस कमिश्नर से मिलीं। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और प्रथम की मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की। इसके बाद परिजन थाना कविनगर भी पहुंचे।
परिवार का सवाल है कि यदि मामला संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का है तो जांच के हर पहलू को पूरी गंभीरता से खंगाला जाना चाहिए और किसी भी संभावित साक्ष्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
पुलिस के सामने अब CDR से लेकर CCTV तक कई कड़ियां

एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम के अनुसार प्रथम के मोबाइल नंबर की सीडीआर और अन्य संबंधित नंबरों की सीडीआर निकलवाई जा रही है। पुलिस इन रिकॉर्ड का इंतजार कर रही है। एसीपी का कहना है कि यदि परिजनों के पास कोई साक्ष्य है तो उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यानी अब जांच में कई तकनीकी कड़ियां अहम हो सकती हैं, प्रथम की आखिरी कॉल किससे हुई, घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में था, मोबाइल की लोकेशन क्या थी, सोसायटी की सीसीटीवी फुटेज में क्या सामने आया और 14वीं मंजिल पर उसके साथ क्या हुआ।
इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी।
प्रथम आत्महत्या करे, इसकी संभावना बहुत कम: कोच
प्रथम की मौत के बाद अब उसके उन लोगों के बयान भी सामने आ रहे हैं, जो उसे करीब से जानते थे। देहरादून के जयदीप रावत इंटरनेशनल स्टूडियो में प्रथम बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रहा था। उसके कोच विक्रमजीत सिंह के मुताबिक प्रथम बहादुर, जिंदादिल और बेहद हंसमुख स्वभाव का लड़का था। उसकी मौत की खबर से वह और पूरी अकादमी स्तब्ध है।

विक्रमजीत सिंह का कहना है कि प्रथम आत्महत्या नहीं कर सकता है। उनके मुताबिक प्रथम में बॉक्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं थीं। वह बेहद फुर्तीला था और उसमें गजब का स्टेमिना था। वह अपने भविष्य को लेकर भी आगे बढ़ रहा था।
कोच के मुताबिक घटना से ठीक एक दिन पहले ही प्रथम अपनी कोचिंग से रक्षाबंधन के लिए छुट्टी लेकर गया था। यही वजह है कि प्रथम को जानने वाले लोगों के मन में भी उसकी मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन बयानों से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है और मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
‘Justice For Pratham’ सोशल मीडिया पर भी उठी आवाज
प्रथम की मौत के बाद कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘Justice For Pratham’ के नाम से मुहिम शुरू की गई है। इसमें मामले की निष्पक्ष जांच और प्रथम की मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की जा रही है।
परिवार की ओर से लगाए गए आरोप और सोशल मीडिया पर उठ रही आवाजों के बीच अब पुलिस जांच पर निगाहें टिक गई हैं।
चार दिन बाद भी सोसायटी में खामोशी और सवाल

घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन महागुनपुरम सोसायटी में अब भी इस घटना का असर दिखाई दे रहा है। जिस सोसायटी में रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य तरीके से चलती थी, वहां 14वीं मंजिल से हुई इस मौत ने लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है।
लोगों के बीच भी यही सवाल चर्चा में है कि आखिर उस दिन प्रथम के साथ क्या हुआ था।
पुलिस को तलाशने होंगे इन सवालों के जवाब

घटना से पहले उसकी आखिरी बातचीत किससे हुई थी ? मोबाइल की सीडीआर और लोकेशन से क्या सामने आता है ? सोसायटी की सीसीटीवी फुटेज में घटनाक्रम से पहले और बाद की क्या तस्वीर दिखाई देती है ? क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्रथम की मौत को लेकर कोई महत्वपूर्ण संकेत देती है ? परिवार की ओर से लगाए गए हत्या के आरोपों की जांच में अब तक क्या सामने आया है ? क्या घटना को आत्महत्या का रूप देने की आशंका की भी पुलिस ने जांच की है ? और प्रथम का मोबाइल दसवीं मंजिल पर कैसे पहुंचा ?
इन सवालों के जवाब ही इस मामले की अगली दिशा तय करेंगे।
अब सबसे जरूरी निष्पक्ष जांच

प्रथम की मौत को लेकर फिलहाल आरोप और आशंकाएं कई हैं, लेकिन सच किसी एक आरोप या बयान से तय नहीं होगा। सच सामने लाने के लिए घटनास्थल के साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों के बयान, हर कड़ी को एक साथ जोड़ना होगा।
परिवार न्याय की मांग कर रहा है, प्रथम को जानने वाले लोग उसकी मौत पर सवाल उठा रहे हैं और सोसायटी के लोग चार दिन बाद भी सहमे हुए हैं। अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं। क्योंकि महागुनपुरम की 14वीं मंजिल से हुई प्रथम की मौत का सबसे बड़ा सवाल अभी भी वहीं खड़ा है, यह मौत आखिर कैसे हुई ? और इस सवाल का जवाब केवल जांच ही दे सकती है।
