हाउस टैक्स बढ़ोतरी को लेकर व्यापारियों में उबाल, प्रदर्शन से लेकर मेयर के इस्तीफे की मांग तक पहुंचा विरोध
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। में हाउस टैक्स बढ़ोतरी का विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। टैक्स बढ़ोतरी से नाराज व्यापारियों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मेयर सुनीता दयाल के इस्तीफे की मांग पुरजोर तरीके से उठाई है। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने नारेबाजी कर अपना आक्रोश जाहिर किया और नगर निगम की कर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।

व्यापारी संगठनों का आरोप है कि हाउस टैक्स में बढ़ोतरी से कारोबारियों के साथ-साथ आम नागरिकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि राहत देने के बजाय कर का बोझ बढ़ाया जा रहा है, जिससे उनमें लगातार नाराजगी बढ़ रही है।
हाउस टैक्स से शुरू हुआ विवाद अब मेयर के इस्तीफे तक पहुंचा
व्यापारियों का विरोध अब केवल हाउस टैक्स बढ़ाने या घटाने तक सीमित नहीं रह गया है। मेयर के इस्तीफे की मांग ने इस पूरे मामले को सीधे राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। व्यापारी संगठनों ने नगर निगम की कर व्यवस्था में पारदर्शिता, राहत और जवाबदेही की मांग करते हुए साफ संकेत दिया है कि यदि उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

व्यापारियों की दो टूक: मांग नहीं मानी तो बढ़ेगा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर निगम को राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ व्यापारियों और आम जनता के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। बढ़े हुए हाउस टैक्स को लेकर व्यापारियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है और अब यह विरोध सड़क से निकलकर नगर निगम की राजनीति तक पहुंच गया है।
भाजपा के पूर्व मेयरों के कार्यकाल में भी टैक्स को लेकर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन मौजूदा विवाद में व्यापारियों ने जिस तरह मेयर के इस्तीफे की मांग को पुरजोर तरीके से सामने रखा है, उसने नगर निगम प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
अब देखना होगा कि व्यापारियों के बढ़ते दबाव के बीच नगर निगम प्रशासन और मेयर की ओर से क्या कदम उठाया जाता है। फिलहाल इतना तय है कि हाउस टैक्स का विवाद अब सिर्फ टैक्स का मामला नहीं रहा, बल्कि गाजियाबाद की नगर निगम राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
