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57 दिनों बाद संपन्न हुई अमरनाथ यात्रा, 4.80 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

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खराब मौसम और आतंकी खतरे के बीच भी नहीं डिगी आस्था, छड़ी मुबारक के साथ पवित्र गुफा में अंतिम पूजा संपन्न

बालटाल-पहलगाम मार्ग पर कड़ा सुरक्षा घेरा

NEWS1UP

धर्म-कर्म डेस्क

श्री अमरनाथ धाम की 57 दिनों तक चली वार्षिक तीर्थयात्रा आज आध्यात्मिक आस्था और परंपराओं के साथ संपन्न हो गई। हिमालय की दुर्गम ऊंचाइयों पर स्थित पवित्र गुफा में इस वर्ष 4.80 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। खराब मौसम के कारण अंतिम दौर में करीब दो सप्ताह तक यात्रा प्रभावित रही, इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और यात्रा का उत्साह कायम रहा।

छड़ी मुबारक के साथ अंतिम पूजा

यात्रा के अंतिम चरण में मुख्य पुजारी और साधुओं का दल पारंपरिक पहलगाम मार्ग से तीन दिन की कठिन यात्रा कर पवित्र गुफा पहुंचा। महंत दीपेंद्र गिरि की देखरेख में छड़ी मुबारक के साथ पवित्र गुफा में अंतिम भव्य पूजा और अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस दौरान विश्व में शांति, सुख और समृद्धि की कामना की गई।

अब पहलगाम में होगा अंतिम अनुष्ठान

पवित्र गुफा में पूजा के बाद छड़ी मुबारक को पहलगाम स्थित लिद्दर नदी के किनारे शिव मंदिर ले जाया जाएगा। यहां विधि-विधान से छड़ी का स्नान कराया जाएगा। इसके बाद इसे दक्षिणी अखाड़ा शिव मंदिर में सुरक्षित रखा जाएगा, जहां अगले वर्ष की यात्रा तक इसकी परंपरागत रूप से पूजा और सुरक्षा की जाएगी।

आतंकी खतरे के बीच कड़ा सुरक्षा घेरा

इस बार की यात्रा सुरक्षा की दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण रही। अमरनाथ ड्यूटी पर तैनात एक हेड कांस्टेबल की हत्या की दुखद आतंकी घटना के बावजूद यात्रा बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण रही। संभावित आतंकी खतरे को देखते हुए जम्मू से पवित्र गुफा तक दोनों प्रमुख मार्गों, बालटाल और पहलगाम पर सुरक्षा का अभूतपूर्व इंतजाम किया गया।

यात्रा मार्ग पर करीब एक लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू रही। इसका मकसद लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था।

4.80 लाख श्रद्धालुओं का सुरक्षित दर्शन बड़ी उपलब्धि

57 दिनों की इस कठिन यात्रा का शांतिपूर्ण और सुरक्षित समापन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा हैं।

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