एसोटेक द नेस्ट AOA का रजिस्ट्रेशन रद्द, HDFC ने फ्रीज किया खाता: जरूरी सेवाओं के लिए डीएम का बड़ा दखल
जांच में सहयोग नहीं करना पड़ा भारी, खाते पर लगा डेबिट फ्रीज
डीजल, पानी और कर्मचारियों की सैलरी के लिए तहसीलदार सदर नामित
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। क्रासिंग रिपब्लिक स्थित एसोटेक द नेस्ट अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) का रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद सोसायटी की जरूरी सेवाओं को लेकर पैदा हुए संकट में जिलाधिकारी रविंदर कुमार मांदड़ ने हस्तक्षेप किया है। सोसायटी निवासी शिवम गहलोत के प्रार्थना पत्र पर डीएम ने डीजल, पानी और कर्मचारियों के वेतन जैसी आवश्यक सेवाओं के भुगतान के लिए तहसीलदार सदर को नामित किया है।
जांच में सहयोग नहीं करना पड़ा भारी

AOA के खिलाफ सोसायटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 की धारा 24 के तहत जांच होनी थी। जांच के दौरान AOA को आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश के अनुसार, बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद ऑडिटर को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए और जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया।
AOA की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को भी डिप्टी रजिस्ट्रार ने पर्याप्त नहीं माना। जांच के दौरान सामने आई कमियों तथा पंजीकरण अधिनियम के उद्देश्यों के अनुरूप AOA के संचालन में पाई गई खामियों को गंभीरता से लेते हुए 22 अगस्त को धारा 12(D) के तहत कार्रवाई की गई और AOA का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया।
रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ तो बैंक खाता भी फ्रीज
रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद HDFC बैंक ने AOA के बैंक खाते पर डेबिट फ्रीज लगा दिया। बैंक ने AOA को बताया कि रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद एसोसिएशन की बैंक खाता संचालित करने की वैधानिक स्थिति प्रभावित हुई है। सक्षम प्राधिकारी के लिखित निर्देश तक बैंक खाते से निकासी या भुगतान की अनुमति नहीं दी जा सकती।
बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि नए मैंडेट, साइनटरी में बदलाव अथवा निकासी पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही बैंक ने Deputy Registrar से लिखित निर्देश मांगे हैं कि जरूरी खर्चों के भुगतान की अनुमति दी जा सकती है या नहीं और रद्दीकरण की अवधि में खाते को किस तरह संचालित किया जाए।
डीएम के हस्तक्षेप से जरूरी सेवाओं का रास्ता साफ

बैंक खाता फ्रीज होने से डीजल, पानी और कर्मचारियों के वेतन जैसे जरूरी खर्चों को लेकर समस्या खड़ी हुई। इसके बाद आवश्यक सेवाओं को जारी रखने के लिए जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की गई। डीएम के आदेश के बाद अब तहसीलदार सदर को इन आवश्यक सेवाओं के भुगतान के लिए नामित किया गया है। इससे सोसायटी में जरूरी सेवाओं को जारी रखने की प्रशासनिक व्यवस्था का रास्ता साफ हुआ है।
कमिश्नर के समक्ष अपील लंबित
बताया जा रहा है कि AOA की ओर से रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील की गई है, जो फिलहाल लंबित है। वहीं, डीएम ने सोसाइटी निवासियों की आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से तहसीलदार, सदर को नामित किया है।
फिलहाल मामला AOA के रजिस्ट्रेशन और उसके अधिकारों को लेकर अपील के स्तर पर लंबित है, जबकि प्रशासन ने निवासियों की आवश्यक सेवाओं को जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है।
