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33 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी, 10वें दीपोत्सव के लिए अयोध्या में तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

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55 हजार लीटर तेल, 65 लाख बातियां और 34 हजार वालंटियर संभालेंगे दीपोत्सव की कमान

राम की पैड़ी से सरयू तट तक दिखेगा रोशनी का भव्य नजारा

NEWS1UP

 भूमेश शर्मा

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या एक बार फिर दीपों की रोशनी में नहाने को तैयार है। रामनगरी में इस बार होने वाला 10वां दीपोत्सव भव्यता, आस्था और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का बड़ा संगम बनने जा रहा है। 5 से 7 नवंबर तक आयोजित होने वाले दीपोत्सव में राम की पैड़ी समेत करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में 33 लाख मिट्टी के दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

दीपोत्सव की व्यापकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 33 लाख दीपों को रोशन करने के लिए करीब 55 हजार लीटर तेल और 65 लाख बातियों की व्यवस्था की जा रही है। दीप प्रज्वलन में इस्तेमाल होने वाली टी-शर्ट, मोमबत्ती, करीब 150 किलो कपूर समेत अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद और आपूर्ति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए पांच टेंडर जारी किए गए हैं।

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राम की पैड़ी बनेगी दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण

इस बार भी श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद की ओर से दीपोत्सव का आयोजन कराया जाएगा। राम की पैड़ी पर विशेष मंच तैयार किया जाएगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। घाटों पर कतारबद्ध दीपों के साथ फूलों की सजावट और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था अयोध्या की भव्यता को नया स्वरूप देगी।

राम की पैड़ी से लेकर सरयू तट और आसपास के प्रमुख घाटों तक रोशनी की विशेष व्यवस्था की जा रही है। अयोध्या धाम के प्रमुख मंदिरों को भी एलईडी लाइटिंग से सजाया जाएगा। दीपों से जगमगाते घाट, रोशनी से सजे मंदिर और सरयू की लहरों पर पड़ती प्रकाश की छटा इस बार दीपोत्सव को खास दृश्यात्मक आकर्षण देने की तैयारी में है।

34 हजार वालंटियर संभालेंगे दीपों की कतार

इतने बड़े पैमाने पर होने वाले दीप प्रज्वलन और आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए 34 हजार वालंटियर लगाए जाएंगे। इनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे। वालंटियर दीपों को व्यवस्थित करने, दीप प्रज्वलन कराने और आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

दीपोत्सव में शामिल होने वाले इन 34 हजार छात्रों के खान-पान की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके साथ ही वालंटियरों को आयोजन से पहले आवश्यक प्रशिक्षण देने की तैयारी है, ताकि दीप प्रज्वलन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

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सुरक्षा से लेकर यातायात तक पर नजर

दीपोत्सव में देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन का जोर केवल दीप प्रज्वलन तक सीमित नहीं है। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं।

करीब दो किलोमीटर के आयोजन क्षेत्र में दीपों की कतारों के साथ फूलों की सजावट, प्रकाश व्यवस्था और आवागमन को व्यवस्थित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। भीड़ को देखते हुए प्रमुख स्थानों पर व्यवस्थाओं को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को आयोजन का अनुभव लेने में असुविधा न हो।

पांच टेंडरों के जरिए पूरी होंगी आयोजन की प्रमुख व्यवस्थाएं

दीपोत्सव की तैयारियों को गति देने के लिए विभिन्न कार्यों से संबंधित पांच टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इनमें दीप प्रज्वलन से जुड़ी सामग्री, मंच निर्माण, सजावट और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही संबंधित सामग्री की आपूर्ति और जमीनी तैयारियों में तेजी आने की उम्मीद है।

अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक सामग्री की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। वालंटियरों के प्रशिक्षण और छात्रों के भोजन की व्यवस्था को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।

दीपोत्सव बना अयोध्या की नई पहचान

अयोध्या का दीपोत्सव अब महज एक धार्मिक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन आकर्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हर वर्ष देश-विदेश में दीपोत्सव की तस्वीरें और आयोजन चर्चा में रहते हैं।

अब 10वें दीपोत्सव को लेकर तैयारियां जिस तेजी से आगे बढ़ रही हैं, उससे नवंबर में रामनगरी के एक बार फिर 33 लाख दीपों की रोशनी में नहाने की तस्वीर साफ दिखाई देने लगी है। राम की पैड़ी से सरयू तट तक सजे दीप, जगमगाते मंदिर और सांस्कृतिक कार्यक्रम अयोध्या के दीपोत्सव को एक बार फिर देश-दुनिया के सामने भव्य स्वरूप में प्रस्तुत करने की तैयारी में हैं।

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