पार्षद शीतल चौधरी पर हमले का दावा हुआ फ़्लॉप ?
फोरेंसिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
गोलीबारी के कोई सबूत नहीं!
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की पार्षद शीतल चौधरी पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला अब एक हाई-वोल्टेज ड्रामा बनता दिख रहा है। जिस घटना को लेकर 29 अक्टूबर की रात पार्षद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उसी दावे पर अब फोरेंसिक रिपोर्ट ने बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
फोरेंसिक रिपोर्ट में क्या मिला ?
पार्षद ने दावा किया था कि NDRF रोड पर दो अज्ञात बाइक सवारों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। लेकिन फोरेंसिक रिपोर्ट कहती है, गाड़ी पर गोली चलने का कोई सबूत नहीं!
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कार की छत, शीशों और बॉडी पर गनशॉट या विस्फोटक पदार्थ के कण तक नहीं मिले
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कार के टूटे हुए शीशे अंदर की बजाय बाहर पाए गए, यानी कहानी में बड़ा ट्विस्ट
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30 CCTV फुटेज खंगाले गए, पर किसी भी बाइक सवार की एंट्री–एग्ज़िट तक रिकॉर्ड में नहीं
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला मोड़
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के मुताबिक-
फुटेज, मोबाइल डेटा और तकनीकी जाँच में कहीं भी हमलावरों का कोई अता-पता नहीं मिला।
ऐसे में बड़ा सवाल-
क्या पार्षद पर हमला हुआ ही नहीं ? या फिर पूरी कहानी कुछ और थी ?
राजनीतिक गलियारों में आग
घटना के तुरंत बाद पार्षद के समर्थन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता थाने में पहुँच गए थे। लेकिन अब जब पूरा मामला उलझता हुआ दिख रहा है, शहर की राजनीति में गहमागहमी बढ़ गई है।
लोगों के बीच चर्चाओं का बाज़ार गर्म है और सभी के जहन में सवाल तैर रहे हैं कि-
क्या था इस कथित हमले का मकसद ? क्या सियासी सहानुभूति बटोरने की कोशिश? या फिर कोई छुपा दवाब ?
पुलिस अब कई नए एंगल से केस की जांच कर रही है। जल्द ही इस कथित ‘हमले’ की असली कहानी सामने आने की उम्मीद है।
