गाजियाबाद के सबसे व्यस्त चौराहे पर बनेगा चार लेन फ्लाईओवर, जानें पूरी डिटेल!
GDA इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से होगा खर्च
अतिरिक्त मंज़ूरी की जरूरत नहीं
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के सबसे व्यस्त और जामग्रस्त चौराहों में शामिल हापुड़ चुंगी राउंडअबाउट को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने यहां 1.5 किलोमीटर लंबे चार लेन फ्लाईओवर के निर्माण की योजना तैयार की है। यह फ्लाईओवर एक ओर राज नगर एक्सटेंशन और दूसरी ओर शास्त्री नगर–कवि नगर को सीधे जोड़ेगा।
हर दिशा से मिलने वाले ट्रैफिक का दबाव
हापुड़ चुंगी पर वर्तमान में चार ओर से ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है –
कवि नगर की ओर से
राज नगर एक्सटेंशन की दिशा से
डीएम ऑफिस मार्ग से
पुलिस लाइन की तरफ जाने वाले रास्ते से
GDA के उपाध्यक्ष किशोर कलाल ने बताया कि यह राउंडअबाउट ऐसे समय में भी जाम हो जाता है जब ट्रैफिक सामान्य माना जाता है।
उन्होंने कहा-

“यह राउंडअबाउट चार दिशाओं से आने वाले वाहनों का मिलन बिंदु है। यहां अक्सर नॉन-पीक ऑवर में भी जाम लग जाता है।”
फ्लाईओवर से ट्रैफिक को मिलेगी रफ्तार
प्राधिकरण का मानना है कि फ्लाईओवर बनने के बाद खासतौर पर पुलिस लाइन की ओर आने-जाने वाले वाहनों को काफी फायदा होगा और सड़क पर रुकावटें कम होंगी। कलाल ने आगे कहा कि “हमने इस योजना को इसलिए तैयार किया है ताकि ट्रैफिक फ्लो सुगम हो सके।”
150 करोड़ की लागत, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से खर्च
इस परियोजना की अनुमानित लागत 150 करोड़ रुपये बताई गई है। GDA इस खर्च को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से वहन करेगा, जिससे परियोजना के लिए अलग से वित्तीय स्वीकृति की चुनौती नहीं रहेगी।
डीपीआर की तैयारी UP ब्रिज कॉर्पोरेशन को सौंपी

फ्लाईओवर के विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की जिम्मेदारी UP ब्रिज कॉर्पोरेशन को सौंप दी गई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी, निर्माण समय-सीमा तय होगी तथा ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी बनाया जाएगा।
शहरवासियों को इन लाभों की उम्मीद
हापुड़ चुंगी क्षेत्र में जाम से छुटकारा
राज नगर एक्सटेंशन से शहर के मुख्य हिस्सों तक तेज कनेक्टिविटी
आपातकालीन वाहनों की आवाजाही में आसानी
प्रदूषण स्तर में संभावित कमी
स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों में सुगमता
निवासियों में राहत की उम्मीद
राज नगर एक्सटेंशन और कवि नगर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह फ्लाईओवर लंबे समय से जरूरत था, क्योंकि सुबह–शाम जाम से घंटों का समय प्रभावित होता है।
