गाजियाबाद में वायु प्रदूषण के विरुद्ध ‘महा अभियान’ तेज: नगर आयुक्त ने बढ़ाई रफ्तार!
ग्रेप-3 हटने के बाद भी नहीं ढीली होगी लगाम
सभी विभाग रात-दिन फील्ड में
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा एनसीआर में लागू ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP)-3 हटाने के बावजूद गाजियाबाद नगर निगम ने अपने ‘महा अभियान’ को और सशक्त रूप में जारी रखने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में शहर को धूल-मुक्त, गड्ढा-मुक्त और प्रदूषण-नियंत्रित बनाने के लिए निगम की सभी शाखाएं निरंतर फील्ड में सक्रिय हैं।

सड़कें धूल-रहित, ग्रीन बेल्ट व्यवस्थित
निर्माण विभाग द्वारा शहर की सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत और लेवलिंग का कार्य जारी है, वहीं उद्यान विभाग ने ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज की सफाई, हरियाली संवर्धन और पानी छिड़काव से धूल को नियंत्रित किया है। स्वास्थ्य विभाग एवं जलकल विभाग द्वारा वॉटर स्प्रिंकलिंग को और गति दी गई है, जिससे परिणामस्वरूप प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई है।

GRAP-3 हटने का श्रेय अभियान को
अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि नगर निगम प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक एंटी-स्मोक गन, वॉटर स्प्रिंकलर और विशेष उपकरणों की मदद से लगातार पानी का छिड़काव कर रहा है। उन्होंने कहा कि कूड़ा-जलाने वालों पर कार्रवाई हुई, सी-एंड-डी वेस्ट हटाया गया, बाजार व आवासीय क्षेत्रों में विशेष स्प्रिंकलिंग तथा निगरानी और त्वरित फील्ड प्रतिक्रिया जैसे संगठित प्रयास का परिणाम है कि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से घटकर 329 दर्ज किया, जो एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
अभियान अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान को और विस्तारित किया जाए। उन्होंने उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, निर्माण विभाग, जलकल विभाग की टीमों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में और आक्रामक तरीके से प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में काम होगा।
अन्य विभाग भी जुड़ाए गए
नगर आयुक्त ने आवास विकास एवं अन्य सरकारी एजेंसियों को भी प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग के लिए प्रेरित किया है। अब सभी विभाग संयुक्त मोर्चे पर काम कर रहे हैं।
शहरवासियों से भी अपील
निगम ने नागरिकों से आग्रह किया है कि कूड़ा न जलाएं, निर्माण सामग्री ढँककर रखें, पानी छिड़काव में सहयोग दें और धूल फैलाने वाली गतिविधियों से बचें। नगर निगम का कहना है कि यह जंग तभी जीती जाएगी जब प्रशासन और जनता दोनों साथ खड़े हों।
