घुसपैठियों को डिटेक्ट करो, नाम डिलीट करो और डिपोर्ट करो: गृह मंत्री
30 साल से जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि हूँ
संसद में अपने बोलने का क्रम मैं स्वयं तय करूँगा : अमित शाह
NEWS1UP
पॉलिटिकल डेस्क
नई दिल्ली। बुधवार को लोकसभा की गरमागरम कार्यवाही के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर ज़ोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि 5 नवंबर 2025 को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में “परमाणु बम” फोड़ने का दावा किया था, लेकिन चुनाव आयोग ने उनके आरोपों को तुरंत साफ़ कर दिया।

राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर फर्जी वोटिंग हुई। उनके मुताबिक, “ब्राज़ील की एक महिला का नाम हरियाणा की वोटर सूची में 22 बार दर्ज मिला, और एक अन्य महिला का नाम एक ही विधानसभा क्षेत्र में 200 से अधिक बार।”
उन्होंने कहा कि यह साफ़ है कि “हरियाणा में चुनाव चोरी हुआ और यह वोट चोरी चुनाव आयोग की निगरानी में हुई।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अब तक उनके उठाए सवालों के जवाब नहीं दिए।उन्होंने बिहार की वोटर लिस्ट सुधार प्रक्रिया (SIR) का उल्लेख करते हुए पूछा कि “अगर बिहार में सूची साफ़ कर दी गई, तो 1.2 लाख डुप्लीकेट फोटो अभी भी सूची में क्यों हैं ?”
राहुल गांधी ने इस पर सदन में खड़े होकर शाह को चुनौती दी –
“हिंदुस्तान के इतिहास में चुनाव आयुक्तों को पूरी तरह माफ़ी दी जाएगी या नहीं ? इसका जवाब दें, और अगर हिम्मत है तो मेरी तीन प्रेस कॉन्फ़्रेंस पर बहस करने आइए।”
अमित शाह ने कड़े तेवरों में जवाब दिया कि वह 30 वर्षों से जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और संसदीय प्रणाली का लंबा अनुभव रखते हैं।
शाह ने कहा कि-
“संसद ऐसे नहीं चलती कि विपक्ष पहले जवाब मांगता रहे और मैं उसी क्रम में बोलूं, बोलने का क्रम मैं तय करूंगा, विपक्ष के नेता को धैर्य रखना चाहिए।”
शाह ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस को “फूटा हुआ परमाणु बम” बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने हरियाणा के 501 वोट वाले आरोप को पहले ही खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि जिस घर का उदाहरण दिया गया था, वह दरअसल एक एकड़ का पुश्तैनी प्लॉट है जिसमें कई परिवार रहते हैं, इसलिए न वह घर फर्जी है और न वोट।
इस बीच शाह ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने दावा किया कि आज़ादी के बाद कांग्रेस अध्यक्षों द्वारा कराए गए मतदान में 28 वोट सरदार पटेल को और सिर्फ 2 वोट नेहरू को मिले, फिर भी प्रधानमंत्री नेहरू बने।
इन टिप्पणियों के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद वॉकआउट कर गए।
गृह मंत्री ने इस पर तंज किया-
“मैं तो घुसपैठियों को हटाने की बात कर रहा था, लेकिन ये क्यों भागे? घुसपैठियों पर हमारी नीति साफ़ है, डिटेक्ट करो, नाम डिलीट करो और डिपोर्ट करो।”
