UP Election 2027: चुनावी रण से पहले EVM की पहली परीक्षा, वाराणसी में अफसरों की हाईलेवल ट्रेनिंग
पूर्वांचल के 6 मंडलों के अफसर जुटे वाराणसी में, FLC से शुरू होगा EVM की जांच का अभियान
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का सियासी रण भले अभी दूर हो, लेकिन चुनावी मशीनरी ने अपनी तैयारियों का पहला बड़ा कदम उठा दिया है। शुक्रवार को वाराणसी में पूर्वांचल के छह मंडलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों की EVM की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) को लेकर विशेष वर्कशॉप आयोजित की गई। यहां अधिकारियों को EVM की जांच से लेकर उसकी सुरक्षा, स्ट्रांग रूम में रखे जाने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के प्रोटोकॉल की विस्तृत ट्रेनिंग दी गई।
EVM की हर ‘धड़कन’ पर होगी नजर
राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों की यह शुरुआती कड़ी है। FLC में यह सुनिश्चित किया जाता है कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनें तकनीकी रूप से पूरी तरह दुरुस्त हैं।
जांच के दौरान EVM के सभी बटन दबाकर देखे जाते हैं। यह भी जांचा जाता है कि जिस उम्मीदवार के लिए बटन दबाया जा रहा है, वोट उसी के खाते में दर्ज हो रहा है या नहीं और मशीन की गिनती सही तरीके से काम कर रही है या नहीं।
राजनीतिक दलों की मौजूदगी में होगी जांच
FLC की प्रक्रिया सिर्फ अधिकारियों और इंजीनियरों तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के इंजीनियर मशीनों की तकनीकी जांच करेंगे और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा। मकसद साफ है, चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की विश्वसनीयता को लेकर किसी भी तरह की आशंका की गुंजाइश न रहे।
वेयरहाउस से स्ट्रांग रूम तक कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल
वर्कशॉप में अधिकारियों को केवल मशीन की तकनीकी जांच ही नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित रखरखाव और परिवहन की प्रक्रिया भी समझाई गई। EVM को वेयरहाउस या स्ट्रांग रूम में रखने, वहां से निकालने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई। हर चरण में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
CCTV की निगरानी में पूरी प्रक्रिया
FLC की कार्रवाई की CCTV रिकॉर्डिंग और निगरानी भी चुनावी पारदर्शिता का अहम हिस्सा होगी। पूरी प्रक्रिया को CCTV के जरिए रिकॉर्ड किया जाएगा, जिसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर पर देखा जा सकेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी रोजाना FLC प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि किसी भी स्तर पर चूक की संभावना को खत्म किया जा सके।
तीन स्तर के अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग
वर्कशॉप में जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और प्रत्येक जिले में FLC के लिए नियुक्त वरिष्ठ अधिकारी/सुपरवाइजर को प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को भारतीय निर्वाचन आयोग के नवीनतम दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों का यह पहला कदम है। लोकसभा चुनाव की तरह आगामी विधानसभा चुनाव भी शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए चुनावी मशीनरी पूरी तरह तैयार रहेगी।
