राजनगर एक्सटेंशन की हम तुम रोड: यह सड़क नहीं, साज़िश है!!
दर्जनों जानें गईं, फिर भी ‘सब ठीक है’ का ढोंग!
सड़क नहीं तो वोट नहीं, सात सोसायटियों का ऐलान
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की हम तुम रोड, जिसे स्थानीय निवासी अब “मौत की सड़क” कहने लगे हैं, बीते एक दशक से प्रशासनिक लापरवाही, राजनीतिक उदासीनता और अवैध गतिविधियों का जीवंत उदाहरण बन चुकी है। यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोज़ाना मौत से आँख-मिचौली खेलने का कारण बन गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस सड़क पर दुर्घटनाओं में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।
इस सड़क से सात से अधिक आवासीय सोसायटी, मोरटा गांव और पूरा राजनगर एक्सटेंशन जुड़ा हुआ है। बावजूद इसके, सड़क की हालत ऐसी है कि यहां रहना तो दूर यहाँ से गुजरना भी किसी सजा से कम नहीं। गड्ढों, धूल, अवैध खनन, बेलगाम भारी वाहनों और ट्रैफिक अव्यवस्था ने इस मार्ग को मौत का गलियारा बना दिया है।
सैकड़ों दुर्घटनाएं, लेकिन जिम्मेदारी शून्य
पिछले कुछ वर्षों में इस सड़क पर सैकड़ों लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं, लेकिन हर हादसे के बाद वही पुराना खेल शुरू हो जाता है। कोई विभाग दूसरे पर जिम्मेदारी डाल देता है, कोई फाइल आगे बढ़ा देता है, और अंत में मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA), नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन, सभी ने मिलकर आंखें मूंद रखी हैं। चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण और ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर किए गए तमाम दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
कंक्रीट मिक्चर प्लांट और बेलगाम ट्रक: जान के दुश्मन
हम तुम रोड पर तीन कंक्रीट मिक्चर प्लांट लगातार 24 घंटे संचालित हो रहे हैं। इन प्लांटों से निकलने वाले भारी ट्रक तेज़ रफ्तार, बिना नंबर प्लेट या जानबूझकर गंदी की गई नंबर प्लेटों के साथ सड़कों पर दौड़ते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक चालक किसी को भी टक्कर मारते हुए निकल जाते हैं, और पहचान तक संभव नहीं होती।
अवैध मिट्टी कारोबार, प्रशासन मौन
पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे मिट्टी की अवैध कालाबाज़ारी खुलेआम जारी है। भारी वाहनों की वजह से सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, धूल से सांस लेना दूभर है और दुर्घटनाएं रोज़मर्रा की बात बन चुकी हैं।
स्थानीय नागरिक पूछते हैं कि-
क्या प्रशासन को यह सब नहीं दिखता ? या फिर सब कुछ जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है ?

सरकार की छवि को कर रहे धूमिल!
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि चंद रसूखदार लोग पैसों के बल पर नियम-कानूनों को ठेंगा दिखा रहे हैं। यह स्थिति न केवल आम जनता की जान के साथ खिलवाड़ है, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था वाली छवि को भी नुकसान पहुंचा रही है।
अब आर-पार की लड़ाई: सड़क नहीं तो वोट नहीं
लगातार उपेक्षा से त्रस्त होकर अब हम तुम रोड की सातों सोसायटी के निवासियों ने सामूहिक संकल्प लिया है-
“सड़क नहीं तो वोट नहीं,
सुविधा नहीं तो टैक्स नहीं”
जल्द ही एक संगठित जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसके तहत शासन-प्रशासन तक आम जनता की आवाज पहुंचाई जाएगी। निवासियों का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
सवाल जो जवाब मांगते हैं
क्या हम तुम रोड पर रहना अपराध है ? क्या आम जनता की जान इतनी सस्ती हो गई है ? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है ?
