February 12, 2026

इंदिरापुरम में सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े की तैयारी ? विधायक कॉलोनी में सड़क निर्माण और GDA की चुप्पी!

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बिना स्वीकृत नक्शे और अनुमति हो रहा निर्माण,

स्थानीय लोग पूछ रहे हैं, आदेश किसका और संरक्षण किसका ?

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित विधायक कॉलोनी में इन दिनों जिस तरह से सड़क निर्माण का कार्य हो रहा है, उसने स्थानीय निवासियों और शहरी नियोजन से जुड़े लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला किसी छिपी हुई गतिविधि का नहीं, बल्कि खुले तौर पर सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि पर किए जा रहे अवैध कब्ज़े से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। विधायक कॉलोनी आरडब्लूए ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई है। 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस भूमि पर सड़क बनाई जा रही है, वह गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की योजना का हिस्सा है और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके बावजूद अब तक न तो किसी स्वीकृत नक्शे की जानकारी सामने आई है और न ही निर्माण से संबंधित किसी औपचारिक अनुमति की पुष्टि हो सकी है।

स्वीकृति और प्रक्रिया को लेकर सवाल!

निवासियों के अनुसार, जब भूमि वास्तव में सरकारी है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि सड़क निर्माण किसके आदेश से और किन नियमों के तहत कराया जा रहा है। अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश पनप रहा है। 

शहरी नियोजन से जुड़ी आशंकाएं

शहरी विकास से जुड़े कुछ जानकारों का मानना है कि कई बार सरकारी या खाली पड़ी भूमि पर पहले बुनियादी ढांचा विकसित कर दिया जाता है, जिसके बाद उसे “सार्वजनिक उपयोग” से जोड़कर वैधता दिलाने का प्रयास किया जाता है। यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट न की जाए और सख्त कार्यवाई न की जाए तो भविष्य में अवैध निर्माणों को हटाना कठिन हो जाता है। विधायक कॉलोनी में हो रहे कार्य को लेकर भी कुछ इसी तरह की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।

ज़मीन की ताज़ा स्थिति

GDA की भूमिका पर उठ रहे प्रश्न

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर निर्माण कार्य बिना संबंधित अधिकारियों की जानकारी के हो, यह संभव नहीं है। ऐसे में GDA स्थिति को स्पष्ट करे और बताए कि निर्माण नियमानुसार है या नहीं। अब तक निर्माण कार्य को रोकने, जांच शुरू करने या कोई औपचारिक सूचना जारी करने की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, जिससे लोगों की चिंताएं और बढ़ी हैं।

कॉलोनीवासी नितिन श्रीवास्तव कहते हैं-

नितिन श्रीवास्तव

 जिस ज़मीन पर यह सड़क बनाई जा रही है, वह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज बताई जा रही है। ऐसे में बिना अनुमति निर्माण होना स्वाभाविक रूप से चिंता पैदा करता है। प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, अवैध कब्ज़े को तुरंत रोकना चाहिए।

वहीं एडवोकेट बंदना वर्मा का कहना है-

एडवोकेट बंदना वर्मा

अगर यह काम नियमों के तहत है तो GDA को सामने आकर जानकारी देनी चाहिए। और यदि नहीं है, तो समय रहते इसे रोका जाना चाहिए। देरी होने पर बाद में आम नागरिकों को ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है।”

स्थानीय निवासी आशी कुंटाला कहती हैं कि-

आशी कुंटाला

 पारदर्शिता और समय पर कार्रवाई से ही प्रशासन और जनता के बीच भरोसा बना रह सकता है। अन्यथा की स्थिति चिंताजनक और विकास प्राधिकरण को कटघरे में खड़ा करने जैसी होगी। 

सरकारी संपत्ति और सार्वजनिक हित

कानूनी जानकर कहते हैं कि यदि किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो शुरुआती चरण में ही कार्रवाई करना सबसे प्रभावी होता है। देरी होने पर न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया जटिल होती है, बल्कि सरकारी संसाधनों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

यह मामला केवल एक सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा और शहरी नियोजन की पारदर्शिता जैसे व्यापक सवाल भी जुड़े हुए हैं।

RWA की मांगें

विधायक कॉलोनी की रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गयी शिकायत में कहा है कि निर्माण कार्य की वैधता की तत्काल जांच कराई जाए, दोषी व्यक्तियों/माफिया के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पक्षों पर कार्यवाही की जाए। और भूमि को भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से मुक्त रखा जाए। आरडब्लूए ने इस बाबत GDA के उपाध्यक्ष को भी पत्र लिखा है।

RWA अध्यक्ष अनुपम शुक्ला स्पष्ट बोलते हैं कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया तो कॉलोनीवासियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। 

गाजियाबाद में समय-समय पर अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए जाते रहे हैं। विधायक कॉलोनी का यह मामला उन दावों के क्रियान्वयन की एक महत्वपूर्ण कसौटी माना जा रहा है।

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