January 12, 2026

वीर बाल दिवस पर मुख्यमंत्री योगी का संदेश: त्याग और बलिदान से ही बनता है इतिहास

0
0
0

गुरु साहिबानों के बलिदान को नमन

नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का आह्वान

NEWS1UP

संवाददाता

लखनऊ। धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबज़ादों की स्मृति में मनाए जा रहे वीर बाल दिवस तथा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिख गुरुओं के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि “इतिहास उन्हीं का बनता है जिनके मन में त्याग और बलिदान का भाव होता है।” उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने स्वदेश और स्वधर्म के लिए सर्वस्व न्योछावर कर जो परंपरा स्थापित की, वही भारत की आत्मा और प्रगति का मार्ग है।

मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग पर आयोजित शबद पाठ और कीर्तन समागम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम की शुरुआत गुरु ग्रंथ साहिब को माथे लगाकर प्रणाम करने के साथ की। इसके पश्चात उन्होंने शबद कीर्तन सुना और साहिबज़ादों के अमर बलिदान की गाथा को नमन किया। कीर्तन पाठ करने वाले बच्चों को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया तथा उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘छोटे साहिबज़ादे’ नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के शहीदी दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में मनाना, उनके अद्वितीय साहस और बलिदान को स्मरण करने का राष्ट्रीय अवसर है। उन्होंने इस दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय देशभर के सिख समाज की भावनाओं का सम्मान है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिख गुरुओं का इतिहास केवल भक्ति का नहीं, बल्कि शक्ति और शौर्य का भी इतिहास है। गुरु नानक देव जी ने जिस आध्यात्मिक चेतना की अलख जगाई, उसे गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने त्याग और बलिदान से अमर बना दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के 350वें वर्ष का आयोजन पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ हो रहा है और उन्हें स्वयं कई कार्यक्रमों में शामिल होने का सौभाग्य मिला है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आज देश के स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में वीर बाल दिवस के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं तथा साहिबज़ादों की वीर गाथाएं पाठ्यक्रम में शामिल की जा रही हैं, ताकि नई पीढ़ी को राष्ट्र और धर्म के लिए बलिदान की प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि सिख धर्म की लंगर परंपरा सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है, जहाँ जाति और धर्म का कोई भेद नहीं होता। गुरु गोबिंद सिंह जी ने समाज को एकता के सूत्र में बाँधने का ऐतिहासिक कार्य किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज, माता गुजरी देवी, चारों साहिबज़ादों और गुरु तेग बहादुर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि वीर बाल दिवस हर भारतीय युवा के लिए साहस, संकल्प और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के आयोजनों के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

समारोह का समापन आनंद साहिब के पाठ और अरदास के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ और असीम अरुण के साथ लंगर में सहभागिता कर सामाजिक समरसता के संदेश को और सशक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!