रोज़ बेल पब्लिक स्कूल में वीर बाल दिवस पर श्रद्धा, साहस और संस्कारों का संगम!

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NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। विजयनगर सेक्टर-9 स्थित रोज़ बेल पब्लिक स्कूल में वीर बाल दिवस के अवसर पर एक भव्य, भावपूर्ण और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सिख इतिहास के अमर वीर बालकों, साहिबज़ादा जोरावर सिंह और साहिबज़ादा फतेह सिंह के अद्वितीय साहस, धर्मनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने के लिए समर्पित रहा।

कार्यक्रम में गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग तथा भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने विशेष रूप से शिरकत कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम में सिख इतिहास के अमर वीर बालकों के सहस के प्रतीकों को निहारते सांसद तथा महानगर अध्यक्ष  (फोटो जर्नलिस्ट, अनिल शर्मा)

नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का प्रयास

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश की नई पीढ़ी को सिख इतिहास के उन स्वर्णिम अध्यायों से परिचित कराना था, जिनमें साहिबज़ादों ने अल्पायु में ही अत्याचार, जबरन धर्मांतरण और क्रूरता के सामने झुकने से इनकार करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहस, संस्कार और स्वाभिमान की जीवंत पाठशाला बनकर उभरा।

इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि-

“साहिबज़ादा जोरावर सिंह और साहिबज़ादा फतेह सिंह का बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इतनी कम उम्र में जिस दृढ़ता और धर्मनिष्ठा का परिचय उन्होंने दिया, वह आज भी हमें सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की सीख देता है।”

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों में देशभक्ति, नैतिक मूल्यों और इतिहास के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।

वहीं भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने कहा कि

“वीर बाल दिवस हमें यह याद दिलाता है कि भारत की संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने कैसी-कैसी कुर्बानियां दी हैं। आज के बच्चों को इन महान बलिदानों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोग (फोटो जर्नलिस्ट अनिल शर्मा)

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नाटक, भाषण, कविता पाठ और देशभक्ति गीतों के माध्यम से साहिबज़ादों के जीवन और बलिदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विशेष रूप से मंचित लघु नाटिका ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया और सभागार “जो बोले सो निहाल” के जयघोष से गूंज उठा।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हें अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का सम्मान किया गया और सभी ने वीर बालकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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