स्वतंत्रता सेनानी स्मृति स्थल को बचाने की हुंकार: महापंचायत को लेकर किसान यूनियन मंच ने कसी कमर!
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा/दादरी। स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और किसानों के अधिकारों की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। भारतीय किसान यूनियन मंच के बैनर तले स्वतंत्रता सेनानी प्रीतम सिंह के स्मृति स्थल को बचाने के लिए संघर्ष तेज़ हो गया है। इसी कड़ी में रविवार को दादरी स्थित संगठन कार्यालय पर पदाधिकारियों की एक अहम रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें 12 जनवरी को ग्राम खेड़ा चौगानपुर में प्रस्तावित महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के संस्थापक सुरेंद्र प्रधान ने साफ़ शब्दों में कहा कि यह लड़ाई अब किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि देश की आज़ादी के प्रतीकों के सम्मान की लड़ाई बन चुकी है।
उन्होंने कहा-
“बाबा प्रीतम सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को मिटाने की कोशिश को किसान समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और बिल्डरों के खिलाफ़ यह संघर्ष हर क़ीमत पर लड़ा जाएगा।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने भावुक होते हुए कहा कि बाबा सिंह ने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन संघर्ष में झोंक दिया, और आज उनकी स्मृति पर संकट खड़ा किया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,
“12 जनवरी की महापंचायत में यदि सम्मानजनक समाधान नहीं निकला, तो किसान यूनियन मंच ऐसा निर्णय लेगा, जिसकी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
वहीं राष्ट्रीय महासचिव मनमिंदर भाटी ने संगठन की एकजुटता पर ज़ोर देते हुए कहा कि अगर किसान और मज़दूर आज एक साथ खड़े नहीं हुए, तो उनका शोषण लगातार बढ़ता रहेगा।
उन्होंने कहा,
“यह संघर्ष केवल एक स्मारक का नहीं, बल्कि किसानों की अस्मिता, इतिहास और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की लड़ाई है।”
बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जिले के हर स्वतंत्रता सेनानी को सम्मान दिलाने के लिए संगठन संघर्ष को और तेज़ करेगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष अक्षय मुखिया ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्राधिकरण किसानों की समस्याओं को सुनने तक को तैयार नहीं है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह उदासीनता ही आने वाले आंदोलन की वजह बन रही है।
बैठक में क्षेत्र से जुड़े भूमि, मुआवज़ा, स्मृति स्थलों की सुरक्षा और किसानों के शोषण जैसे तमाम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और महापंचायत को सफल बनाने की रणनीति तय की गई।
इस अवसर पर डा. यामीन, एडवोकेट दिनेश भाटी, विक्रांत भाटी, कृष्ण भड़ाना, गजेंद्र बसौया, अमित प्रधान, बिजेंदर, विनोद पाली, अन्नू सरपंच, दानिश, प्रिंस भाटी, अब्दुल कादिर, अजब सिंह भाटी, सकिल मेवाती, डा. मोहसिन, संजय भाटी, अनुज कसाना सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक के अंत में संगठन ने स्पष्ट संदेश दिया कि 12 जनवरी की महापंचायत केवल सभा नहीं होगी, बल्कि यह तय करेगी कि इतिहास बचेगा या कुचला जाएगा।
