February 10, 2026

Remembering Chemistry Creatively: ब्रेन-बेस्ड लर्निंग से आसान हुई केमिस्ट्री!

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डॉ. दीपा गोयल और रोज़ी दयाल तिवारी का साझा प्रयास

समझो, याद रखो और जीत जाओ केमिस्ट्री

कक्षा 10–12, NEET और JEE स्टूडेंट्स के लिए गेम चेंजर बुक

 

NEWS1UP

एजुकेशन डेस्क

गाजियाबाद। केमिस्ट्री जैसे जटिल और अक्सर डराने वाले विषय को सरल, रोचक और यादगार बनाने के उद्देश्य से गाजियाबाद की रहने वाली प्रसिद्ध मेमोरी एवं ब्रेन फिटनेस एजुकेटर डॉ. दीपा गोयल और अनुभवी केमिस्ट्री शिक्षिका रोज़ी दयाल तिवारी ने अपनी नई पुस्तक “रिमेम्बरिंग केमिस्ट्री क्रिएटिवली” (Remembering Chemistry Creatively) का प्रकाशन किया है। जिसका विमोचन बीते रविवार को विश्व पुस्तक मेले में किया गया। यह पुस्तक पारंपरिक रटंत पद्धति से हटकर मेमोरी टेक्निक्स, विज़ुअल इमेजिनेशन और स्टोरी-बेस्ड लर्निंग के माध्यम से छात्रों को केमिस्ट्री समझने और लंबे समय तक याद रखने में मदद करती है।

लेखिका, दीपा गोयल

लेखकों के अनुसार, “अधिकांश छात्र केमिस्ट्री इसलिए भूल जाते हैं क्योंकि वे समझने के बजाय रटने की कोशिश करते हैं। यह पुस्तक दिमाग के प्राकृतिक तरीकों से सीखने का मार्ग दिखाती है।” पुस्तक में केमिकल फॉर्मूलों, रिएक्शनों और जटिल कॉन्सेप्ट्स को कहानियों और चित्रात्मक सोच से जोड़ा गया है, जिससे परीक्षा के समय जानकारी सहजता से स्मरण हो जाती है।

लेखिका, रोज़ी दयाल तिवारी (दाएं) एक प्रशंसिका के साथ

Remembering Chemistry Creatively कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ-साथ NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी लाभकारी बताई जा रही है। इसके अतिरिक्त, केमिस्ट्री शिक्षक और कोचिंग संस्थान इसे एक इनोवेटिव टीचिंग टूल के रूप में अपना रहे हैं।

बुक फेयर में एक शिक्षिका के साथ लेखिका दीपा गोयल एवं रोज़ी दयाल तिवारी

यह पुस्तक कठिन टॉपिक्स को सरल बनाती है। इसकी मदद से फॉर्मूले और रिएक्शन लंबे समय तक याद रहते हैं, परीक्षा के दौरान भूलने की समस्या कम होती है, पढ़ाई में रुचि और आत्मविश्वास बढ़ता है। इसके आलावा ब्रेन-बेस्ड एवं स्टूडेंट-फ्रेंडली अप्रोच को प्रोत्साहित करती है। बुक फेयर में स्टूडेंट्स और टीचर्स के बीच यह किताब खासी चर्चा में रही। 

शिक्षाविदों का मानना है कि यह पुस्तक नई शिक्षा नीति के अनुरूप रचनात्मक और समझ-आधारित सीखने को बढ़ावा देती है। यह न केवल छात्रों की स्मरण शक्ति को सशक्त बनाती है, बल्कि विषय के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित करती है।

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