बारिश में कान्हा के स्वागत की तैयारी, गरज रहे बादल!!
झमाझम बारिश के बीच मंदिरों और सोसाइटियों में जन्माष्टमी की धूम
आयोजकों ने कहा- यही तो है नंदलाल के जन्म की बेला
NEWS1UP
धर्म-कर्म डेस्क
गाजियाबाद। शहर में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उत्साह चरम पर है। मंदिरों से लेकर कॉलोनियों, गली-मुहल्लों और हाईराइज सोसाइटियों तक नंदलाल के जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। लेकिन इस बार जन्माष्टमी का माहौल कुछ अलग ही है। दोपहर से लगातार हो रही बारिश, गरजते बादल और रह-रहकर आसमान में चमकती बिजली ने पूरे वातावरण को जैसे कृष्ण जन्म की पौराणिक कथा के रंग में रंग दिया है।
आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट के बीच जब बिजली चमकती है और बारिश की बूंदें लगातार धरती को भिगोती हैं, तो शहर के श्रद्धालुओं के बीच एक ही चर्चा है,
“आज तो मौसम भी कान्हा के जन्म की कहानी दोहरा रहा है।”
बारिश को शुभ मान रहे आयोजक
मंदिरों और सोसाइटियों में जन्माष्टमी कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे आयोजकों का कहना है कि बारिश को लेकर उन्हें कोई शिकायत नहीं, बल्कि इसे शुभ संकेत मान रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी ऐसी ही अंधेरी, बरसाती रात में हुआ था। ऐसे में जन्माष्टमी के दिन आसमान का बरसना भक्तों के उत्साह को और बढ़ा रहा है।
कई आयोजकों का कहना है कि बारिश के बावजूद कार्यक्रमों की तैयारियां जारी हैं। सजावट को बचाने के लिए जहां अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं, वहीं कान्हा के जन्म के समय होने वाले विशेष पूजन, भजन-कीर्तन और झांकियों को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है।
लैंडक्राफ्ट से गुलमोहर एन्क्लेव तक, हर तरफ कान्हा की धूम

NH-9 स्थित लैंडक्राफ्ट सोसाइटी में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। सोसाइटी परिसर को सजाया गया है और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर निवासी खासे उत्साहित हैं। बारिश के बीच भी आयोजन की तैयारियां जारी हैं और श्रद्धालु कान्हा के जन्म के विशेष क्षण का इंतजार कर रहे हैं।

नेहरू नगर के शिव मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर भक्तों में खास उत्साह है। मंदिर में सजावट और पूजा-अर्चना की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। शाम से ही मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बनने लगा है और रात में विशेष पूजा तथा कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं की मौजूदगी बढ़ने की उम्मीद है।

राजनगर एक्सटेंशन की KDP ग्रैंड सवाना सोसाइटी में भी जन्माष्टमी का रंग नजर आ रहा है। सोसाइटी परिसर में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां की गई हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह है और बारिश के बावजूद आयोजन को लेकर तैयारियां जारी हैं।

वहीं राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी में भी जन्माष्टमी को लेकर खास उत्साह है। सोसाइटी परिसर को सजाया गया है और भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को यादगार बनाने के लिए कार्यक्रमों की तैयारी की गई है। यहां भी बारिश को लेकर आयोजकों का कहना है कि यह कान्हा के स्वागत का शुभ संकेत है।

इंदिरापुरम की विधायक कॉलोनी में भी जन्माष्टमी को लेकर उत्साह है। यहां मंदिर के अंदर भजन-कीर्तन की तैयारियां चल रही हैं। बारिश के बीच मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के जुटने और रात में भक्ति-संगीत के बीच कृष्ण जन्मोत्सव मनाने की तैयारी है।
बिजली की चमक और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच गूंजेगा ‘नंद के घर आनंद भयो’
जन्माष्टमी की रात जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, शहर के मंदिरों और सोसाइटियों में भक्तों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। कहीं फूलों से मंदिर सजाए गए हैं तो कहीं रंग-बिरंगी लाइटों से कान्हा के लिए भव्य दरबार तैयार किया गया है।
हाईराइज सोसाइटियों में भी जन्माष्टमी का खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। क्लब हाउस और सेंट्रल पार्क में कृष्ण जन्मोत्सव के लिए मंच तैयार किए गए हैं। बच्चों के लिए कृष्ण और राधा की पोशाक प्रतियोगिता, मटकी फोड़ कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी है।
वहीं मंदिरों में आधी रात के समय होने वाले कृष्ण जन्म के विशेष पूजन को लेकर श्रद्धालु उत्साहित हैं। जैसे ही घड़ी रात के 12 बजाएगी, शंख और घंटियों की गूंज के साथ “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारे वातावरण में गूंजने की तैयारी है।
बारिश ने बढ़ाया रोमांच, लेकिन सुरक्षा की चुनौती भी
हालांकि बारिश को श्रद्धालु शुभ मान रहे हैं, लेकिन लगातार बारिश ने आयोजकों की चिंता भी बढ़ा दी है। खुले मैदानों और पार्कों में होने वाले कार्यक्रमों में पानी भरने और बिजली से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।
आयोजकों का कहना है कि बिजली की चमक और तेज बारिश के बीच विद्युत सजावट, साउंड सिस्टम और मंच से जुड़े उपकरणों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए भी आयोजनों में जरूरी सावधानी बरती जा रही है।
आज की रात कुछ खास है! क्योंकि मौसम भी दे रहा है कान्हा के आने का एहसास
शहर में आज का नजारा सामान्य जन्माष्टमी से कुछ अलग दिखाई दे रहा है। बाहर बारिश की बूंदें बरस रही हैं, आसमान में बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं और दूसरी ओर मंदिरों व सोसाइटियों में कान्हा के जन्म की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। भक्तों के लिए यह महज मौसम नहीं, बल्कि आस्था और उत्सव का अद्भुत संयोग है।
बारिश की बूंदों के बीच सजे मंदिर, बिजली की चमक के बीच जगमगाती झांकियां और आधी रात को गूंजते कृष्ण जन्म के जयकारे, शहर आज जैसे उसी पौराणिक रात को महसूस करने की तैयारी में है, जब मथुरा की कारागार में नंदलाल ने जन्म लिया था और पूरी सृष्टि ने उनके आगमन का स्वागत किया था।
