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कांवड़ यात्रा पर योगी का ‘सुरक्षा मंत्र’: अफवाह से लेकर अव्यवस्था तक, हर चुनौती से निपटने का तैयार हुआ ब्लूप्रिंट

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उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश

आस्था के महापर्व में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार सुरक्षा और प्रबंधन का व्यापक खाका तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मेरठ और सहारनपुर मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर स्पष्ट संकेत दिया कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राज्य की प्रशासनिक क्षमता और कानून-व्यवस्था की बड़ी परीक्षा भी है।

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता अथवा कानून-व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा प्रारंभ होने से पहले प्रत्येक विभाग अपनी तैयारियां शत-प्रतिशत पूरी कर ले और सभी व्यवस्थाएं धरातल पर दिखाई दें।

अफवाहों पर सबसे बड़ी नजर, सोशल मीडिया पर रहेगा ‘रियल टाइम’ एक्शन

बैठक में मुख्यमंत्री का सबसे स्पष्ट संदेश सोशल मीडिया को लेकर रहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह अथवा सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाले पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया सेल लगातार सक्रिय रहे और तथ्यहीन सूचनाओं का तुरंत खंडन किया जाए, ताकि किसी भी असामाजिक तत्व को माहौल बिगाड़ने का अवसर न मिले।

ड्रोन, सीसीटीवी और अतिरिक्त पुलिस बल से बनेगा सुरक्षा कवच

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील स्थानों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा ड्रोन के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। उन्होंने मंडलायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्वयं तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और हर विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

पांच राज्यों के साथ रहेगा सीधा समन्वय

कांवड़ यात्रा में उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन राज्यों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ निरंतर संवाद एवं समन्वय बना रहे, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।

डीजे की ध्वनि और कांवड़ की ऊंचाई पर भी रहेगा नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि डीजे की आवाज निर्धारित मानकों से अधिक नहीं होनी चाहिए और कांवड़ की ऊंचाई भी तय सीमा के अनुरूप रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को डीजे संचालकों, कांवड़ निर्माताओं और विभिन्न कांवड़ समितियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि नियमों का पालन स्वेच्छा से सुनिश्चित हो सके।

गड्ढामुक्त मार्ग, स्वच्छ वातावरण और शिविरों में हर सुविधा अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को यात्रा मार्गों की तत्काल मरम्मत, झाड़ियों की सफाई तथा अवरोध हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्ग पर कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए। साथ ही कांवड़ शिविरों में पेयजल, शौचालय, बिजली, स्ट्रीट लाइट, चिकित्सा सहायता, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं के लिए ताजा एवं सात्विक भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मांस और शराब की दुकानें रहेंगी बंद, नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्ग पर मांस और शराब की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए तथा संबंधित अधिकारियों को इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। वहीं बिजली विभाग को ट्रांसफार्मरों, खुले तारों और विद्युत लाइनों की विशेष निगरानी रखने को कहा गया, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय, योजनाओं के प्रचार पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और क्षेत्रीय समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। सूचना विभाग को यात्रा मार्गों पर आकर्षक स्वागत द्वार, दिशा-निर्देशक संकेतक तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

सियासी नहीं, प्रशासनिक संदेश भी

मेरठ में हुई यह समीक्षा बैठक केवल तैयारियों का आकलन भर नहीं थी, बल्कि प्रदेश के प्रशासनिक अमले के लिए मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश भी थी कि कांवड़ यात्रा के दौरान व्यवस्था, सुरक्षा और अनुशासन पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। आधुनिक तकनीक, अंतरराज्यीय समन्वय, संवेदनशील निगरानी और जवाबदेही आधारित प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए सरकार इस बार कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्विघ्न संपन्न कराने की रणनीति पर काम कर रही है।

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