हाउस टैक्स पर गाजियाबाद में बढ़ा विरोध: तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर सड़क पर उतरे व्यापारी
नवयुग मार्केट में अनिश्चितकालीन धरना जारी
RWA और सामाजिक संगठनों का भी मिला समर्थन
बढ़ी दरें वापस होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। नगर निगम की ओर से हाउस टैक्स में की गई वृद्धि के खिलाफ गाजियाबाद के व्यापारियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। नवयुग मार्केट में हाउस टैक्स विरोधी संघर्ष समिति के नेतृत्व में शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। विरोध के तीसरे दिन व्यापारियों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर टैक्स वृद्धि के खिलाफ अपना आक्रोश जताया और नगर निगम से बढ़ी हुई दरें वापस लेने की मांग की।
धरना स्थल पर दिनभर व्यापारियों की मौजूदगी बनी रही। विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग भी आंदोलन के समर्थन में पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाउस टैक्स में की गई भारी वृद्धि का असर केवल व्यापारियों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि बड़ी संख्या में संपत्ति स्वामियों और आम नागरिकों को भी इसका अतिरिक्त आर्थिक भार उठाना पड़ेगा।

पहले से आर्थिक दबाव, ऊपर से टैक्स वृद्धि
व्यापारियों का कहना है कि महंगाई, कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और विभिन्न प्रकार के सरकारी शुल्कों के कारण कारोबारी पहले से आर्थिक दबाव में हैं। ऐसे समय में हाउस टैक्स में भारी वृद्धि से उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।
व्यापारियों ने नई दरों को व्यावहारिक और न्यायसंगत नहीं बताते हुए नगर निगम से वृद्धि पर तत्काल पुनर्विचार करने और पूर्व निर्धारित दरों के आधार पर टैक्स लेने की मांग की। उनका कहना है कि कर व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें नगर निगम के राजस्व हितों के साथ व्यापारियों और आम संपत्ति स्वामियों की आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखा जाए।

व्यापारियों के साथ RWA भी आई आगे
आंदोलन के तीसरे दिन विभिन्न व्यापार मंडलों के अलावा RWA फेडरेशन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर व्यापारियों को समर्थन दिया।
समर्थन देने पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि हाउस टैक्स में अत्यधिक वृद्धि का प्रभाव शहर के एक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की संपत्तियों पर पड़ेगा। ऐसे में इस मुद्दे पर नगर निगम और नागरिक प्रतिनिधियों के बीच संवाद जरूरी है।
नगर निगम से बातचीत की मांग
धरने पर व्यापारियों ने मांग की कि हाउस टैक्स की नई दरों और वृद्धि का दोबारा मूल्यांकन किया जाए। साथ ही व्यापारियों और नागरिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसे आम लोगों के लिए व्यावहारिक और स्वीकार्य माना जा सके।
हाउस टैक्स विरोधी संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आंदोलन समाप्त करने का सवाल नहीं है। समिति के अनुसार, बढ़ा हुआ हाउस टैक्स वापस होने तक धरना जारी रहेगा।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। इसके लिए शहर के अन्य बाजारों और व्यापारिक संगठनों को भी आंदोलन से जोड़ने की तैयारी की जाएगी।
काली पट्टी से दिया शांतिपूर्ण विरोध का संदेश
तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर व्यापारियों ने विरोध का अलग संदेश दिया। व्यापारियों ने कहा कि यह काली पट्टी हाउस टैक्स वृद्धि के खिलाफ उनके शांतिपूर्ण लेकिन स्पष्ट विरोध का प्रतीक है। उनका कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग नगर निगम तक पहुंचा रहे हैं और समाधान के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहते हैं।
धरने में राजकिशोर गुप्ता, गौरव गर्ग, रजनीश बंसल मंगली, सुभाष गुप्ता, सूरज बतरा, हरविंदर गांधी, बाल किशन गुप्ता, सोनू मावे वाले, नसीम खान, राकेश काका, विनय सिंघल, रमेश खजांची, तिलक राज अरोड़ा, सतीश चोपड़ा, संदीप त्यागी, परमानंद गर्ग, अमित वर्मा, अनिल गुलाटी, राजीव गोयल, सतीश शर्मा (पूर्व मंत्री), बिजेंद्र यादव (कांग्रेस), सुनील चाचा, जाकिर कुरैशी (पार्षद), अभिषेक गर्ग (सपा), दिनेश गोयल सीए (अध्यक्ष, राजनगर RWA), अमरीश कुमार त्यागी (महामंत्री), प्रभाकर त्यागी, सुनील दत्त, सौरभ गर्ग, पंकज भारद्वाज, सचिन शर्मा, लोकेश बंसल सहित सैकड़ों व्यापारी और समर्थक मौजूद रहे।
