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सोसायटी के पीछे डेयरी, सामने स्वास्थ्य का सवाल: गंदे पानी और गोबर के ढेर से बढ़ी परेशानी

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क्लासिक रेजीडेंसी एओए ने नगर आयुक्त से मांगी कार्रवाई

डेयरी की वैधता और अपशिष्ट निस्तारण की जांच की मांग

NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। राज नगर एक्सटेंशन की क्लासिक रेजीडेंसी के पीछे संचालित हो रही एक डेयरी अब आसपास रहने वाले हजारों लोगों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। डेयरी से निकलने वाला गंदा पानी, गोबर और अन्य अपशिष्ट खुले में एक जगह जमा होने की शिकायत सामने आई है। इससे दुर्गंध के साथ-साथ मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। मामले को गंभीरता से लेते हुए क्लासिक रेजीडेंसी एओए बोर्ड ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर तत्काल निरीक्षण और कार्रवाई की मांग की है।

गंदगी का जमाव, बढ़ती परेशानी

एओए के मुताबिक डेयरी स्थल पर गंदे पानी और गोबर के निस्तारण की पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं देती। अपशिष्ट लगातार एकत्रित होने से आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है। खासकर बारिश और उमस के मौसम में ऐसी स्थिति मच्छरों और अन्य संक्रमण फैलाने वाले कीटों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर सकती है।

यानी मामला केवल दुर्गंध तक सीमित नहीं है। यदि समय रहते सफाई और निस्तारण की व्यवस्था नहीं की गई तो इसका असर आसपास रहने वाली बड़ी आबादी के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

खुले में जमा डेयरी से निकलने वाला गंदा पानी

हजारों लोगों के प्रभावित होने की आशंका

क्लासिक रेजीडेंसी के साथ-साथ राज नगर एक्सटेंशन में बड़ी संख्या में अन्य आवासीय सोसायटियां भी हैं। यहां हजारों निवासी रहते हैं। इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। ऐसे में आवासीय क्षेत्र के बिल्कुल नजदीक खुले में जैविक अपशिष्ट का जमा होना स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

एओए का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति या सोसायटी का निजी विवाद नहीं है। यह सीधे तौर पर स्वच्छता, पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।

डेयरी वैध है या नहीं, जांच की मांग

एओए बोर्ड ने नगर आयुक्त से डेयरी का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने के साथ उसके संचालन की वैधता और आवश्यक लाइसेंस व अनुमतियों की जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा डेयरी से निकलने वाले गंदे पानी, गोबर और अन्य अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था भी जांच के दायरे में लाने को कहा गया है।

मौके पर जमा गंदे पानी और अपशिष्ट की तत्काल सफाई कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई है।

आजीविका नहीं, अव्यवस्था पर सवाल

एओए ने अपने पत्र में साफ किया है कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की आजीविका में अनावश्यक हस्तक्षेप करना नहीं है। सवाल केवल इतना है कि आवासीय क्षेत्र के बीच हजारों लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण की कीमत पर किसी गतिविधि को संचालित नहीं किया जा सकता।

 

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