रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Facebook-Instagram बंद! स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन भी होंगे म्यूट!!
अमेरिका में मुकदमे के समझौते के बाद Meta पर बड़ी कार्रवाई
Meta देगी करीब ₹1.5 लाख करोड़, Facebook-Instagram पर 2 घंटे की लिमिट
NEWS1UP
डेस्क
बच्चों और किशोरों को Facebook और Instagram का आदी बनाने के आरोपों ने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Meta को अरबों डॉलर का झटका दिया है। अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चल रहे मुकदमे को खत्म करने के लिए Meta ने करीब 18 अरब डॉलर यानी लगभग ₹1.5 लाख करोड़ तक के समझौते पर सहमति जताई है। इसके साथ ही नाबालिग यूजर्स के लिए Facebook और Instagram के इस्तेमाल के नियमों में बड़े बदलाव किए जाएंगे। सबसे बड़ा फैसला, दोनों प्लेटफॉर्म को मिलाकर रोजाना सिर्फ 2 घंटे की डिफॉल्ट लिमिट।
आरोप: बच्चों को ऐप पर ज्यादा देर रोकने के लिए डिजाइन किए फीचर
अमेरिका के कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने 2023 में Meta के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। आरोप था कि Facebook और Instagram में ऐसे फीचर और डिजाइन तैयार किए गए, जो बच्चों और किशोरों को बार-बार ऐप पर लौटने और लंबे समय तक जुड़े रहने के लिए प्रेरित करते हैं।
राज्यों का दावा था कि लगातार और अत्यधिक सोशल मीडिया इस्तेमाल से बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर असर पड़ सकता है। Meta पर यह आरोप भी लगाया गया कि उसने बच्चों और अभिभावकों को इन संभावित खतरों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी।
अगस्त 2026 में कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। ट्रायल आगे बढ़ता, उससे पहले ही Meta और राज्यों के बीच समझौता हो गया। हालांकि इसे लागू करने के लिए अदालत की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है।
सबसे बड़ा झटका: Facebook + Instagram = सिर्फ 2 घंटे
समझौते के तहत 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए Facebook और Instagram की संयुक्त डेली लिमिट 2 घंटे होगी। यानी दोनों ऐप्स के लिए अलग-अलग दो घंटे नहीं मिलेंगे। Facebook पर बिताया गया समय और Instagram पर बिताया गया समय एक ही कुल लिमिट में गिना जाएगा।
इस सीमा को हटाने या बढ़ाने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी।

रात में पूरी तरह ‘नो सोशल मीडिया’
किशोरों के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Facebook और Instagram का इस्तेमाल बंद रहेगा। इसके पीछे मकसद रात में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को कम करना और बच्चों की नींद तथा दिनचर्या पर इसके प्रभाव को नियंत्रित करना है।
स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन पर भी रोक
सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक डिफॉल्ट रूप से नोटिफिकेशन म्यूट रहेंगे। हालांकि जरूरी सुरक्षा अलर्ट और सीधे मैसेज इससे बाहर रहेंगे। लगातार ऐप इस्तेमाल करने वाले किशोरों को ब्रेक लेने के रिमाइंडर भी दिए जाएंगे।
लाइक, ब्यूटी फिल्टर और कंटेंट पर भी शिकंजा
समझौते के तहत बच्चों के लिए कुछ ऐसे फीचर्स पर भी नियंत्रण बढ़ाया जाएगा जिनको लेकर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अभिभावकों की ओर से लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। नाबालिगों के लिए पब्लिक लाइक काउंट और कुछ ब्यूटी फिल्टर सीमित किए जाएंगे। उम्र की पुष्टि की तकनीक को मजबूत करने और पैरेंटल कंट्रोल को आसान बनाने पर भी जोर होगा।
लेकिन कहानी सिर्फ Meta तक सीमित नहीं
इस समझौते की सबसे अहम शर्त YouTube और TikTok से जुड़ी है। Meta का तर्क है कि अगर सिर्फ Facebook और Instagram पर सख्ती होगी तो बच्चे दूसरे प्लेटफॉर्म पर चले जाएंगे। इसलिए समझौते की अतिरिक्त रकम का एक हिस्सा इस बात पर निर्भर करेगा कि दूसरे बड़े प्लेटफॉर्म भी बच्चों के लिए समान सुरक्षा उपाय लागू करें।
इन उपायों में डेली इस्तेमाल की सीमा, रात में एक्सेस पर रोक और उम्र की पुष्टि जैसे कदम शामिल हैं।
Meta ने नहीं मानी कोई गलती
इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद Meta ने समझौते में किसी गलती या कानूनी जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया है।
कंपनी का कहना है कि किशोरों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन अनुभव उसकी प्राथमिकता है और बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम तभी प्रभावी होंगे जब दूसरे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी समान मानक अपनाएं।
भारत में भी उठेगा बड़ा सवाल
अमेरिका का यह समझौता भारत में सीधे लागू नहीं होगा, लेकिन इसका असर वैश्विक सोशल मीडिया कंपनियों की नीतियों पर पड़ सकता है।
भारत में भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, डेटा और डिजिटल प्राइवेसी को लेकर नियम लगातार सख्त हो रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले समय में भारत में भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल की उम्र, समय और कंटेंट को लेकर ऐसे ही सख्त नियम देखने को मिलेंगे ?
