भटकी मां को दो दिन बाद मिला बेटा, इंसानियत ने दिखाई घर की राह!
एसजी ग्रैंड सोसाइटी के मंदिर में मिली थीं चिंतादेवी, न पता याद था न बेटे का मोबाइल नंबर
वृद्धाश्रम के केयरटेकर ने इंटरनेट से खोज निकाला संपर्क
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। घर से दवाई लेने निकली एक बुजुर्ग महिला रास्ता भटककर राजनगर एक्सटेंशन की एसजी ग्रैंड सोसाइटी पहुंच गईं। न उन्हें अपने घर का पूरा पता याद था और न बेटे का मोबाइल नंबर। सोसाइटी के मंदिर में मिली महिला को जब लोगों ने देखा तो परिवार की तलाश शुरू हुई। दो दिन की कोशिश, पुलिस और सामाजिक संस्था की मदद तथा वृद्धाश्रम के केयरटेकर की लगन के बाद आखिरकार बुजुर्ग महिला अपने बेटे से मिल सकीं।

मामला 26 सितंबर की शाम का है। एसजी ग्रैंड सोसाइटी के मंदिर में निवासियों को एक बुजुर्ग महिला नंगे पैर और घबराई हालत में अकेली बैठी मिलीं। बातचीत करने पर उन्होंने अपना नाम चिंता देवी, पत्नी स्वर्गीय बच्चू पांडे बताया, लेकिन इसके अलावा वह अपने परिवार के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं।
सोसाइटी के निवासियों ने महिला की पहचान और उनके परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया। राजनगर एक्सटेंशन ट्रस्ट के व्हाट्सएप ग्रुप पर महिला की जानकारी साझा की गई, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी परिवार का सुराग नहीं मिल सका।
पुलिस की मदद से वृद्धाश्रम पहुंचाया

परिवार का पता नहीं चलने पर सहायता संपर्क संस्था ने स्थानीय चौकी प्रभारी ओमवीर सिंह की मदद ली। इसके बाद महिला को दुहाई स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम पहुंचाया गया। वहां उनकी देखभाल की जिम्मेदारी उर्फ राजू ने संभाली।

राजेश कुमार ने बताया कि महिला काफी घबराई हुई थीं। लगातार बातचीत और स्नेहपूर्ण व्यवहार के बाद उनकी स्थिति सामान्य हुई और उन्होंने अपने बेटे का नाम राजेश पांडेय बताया। उन्होंने घर का पता भी बताया, लेकिन पता अधूरा था। महिला को बेटे का मोबाइल नंबर याद नहीं था।
अधूरे पते से खोजा बेटे का नंबर
इसके बाद केयरटेकर राजेश कुमार ने महिला द्वारा बताई गई जानकारी के आधार पर इंटरनेट पर तलाश शुरू की। अधूरे पते और अन्य जानकारियों को जोड़ते हुए उन्होंने संभावित संपर्क तलाशे। काफी प्रयास के बाद उन्हें चिंता देवी के बेटे राजेश पांडेय का मोबाइल नंबर मिल गया।
परिवार से संपर्क होते ही बेटे को मां के वृद्धाश्रम में सुरक्षित होने की जानकारी दी गई।
नाइट ड्यूटी से लौटने के बाद मां को घर पर नहीं पाया था बेटा
राजेश पांडेय ने बताया कि वह दिल्ली के गाजीपुर में रहते हैं और मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के निवासी हैं। शनिवार को वह नाइट ड्यूटी पर गए थे। इसी दौरान उनकी मां दवाई लेने के लिए घर से निकली थीं और रास्ता भटक गईं।
उन्होंने बताया कि रविवार को ड्यूटी से देर से लौटने पर मां घर पर नहीं मिलीं। इसके बाद उन्होंने आसपास और अन्य स्थानों पर उनकी तलाश की। वृद्धाश्रम से मां के सुरक्षित होने की सूचना मिलने के बाद वह सोमवार सुबह वहां पहुंचे और अपनी मां को साथ लेकर घर लौट गए।
मददगारों का जताया आभार
मां के सकुशल मिलने पर राजेश पांडेय ने RNEX के संस्थापक दीपांशु मित्तल, सहायता संपर्क संस्था, स्थानीय पुलिस, वृद्धाश्रम के केयरटेकर राजेश कुमार उर्फ राजू और एसजी ग्रैंड सोसाइटी के निवासियों के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में जिन लोगों ने उनकी मां को सहारा दिया और परिवार से मिलाने के लिए प्रयास किए, उनका सहयोग वह हमेशा याद रखेंगे।
