पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट: हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी होम बायर्स को UPSIDA से जवाब का इंतजार!
होम बायर्स का आरोप: चार सप्ताह बीते, न सुनवाई की तारीख मिली, न कार्रवाई की जानकारी
छह सप्ताह में फैसला देने का है कोर्ट का निर्देश
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के जीटा-1 स्थित पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट के 73 होम बायर्स की याचिका से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद UPSIDA की ओर से अब तक कोई जानकारी नहीं मिलने का आरोप सामने आया है। होम बायर्स का कहना है कि अदालत के निर्देश के बाद करीब चार सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन न उन्हें सुनवाई की तारीख बताई गई और न ही प्रतिनिधित्व पर आगे की कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
मामला रिट संख्या 34921 of 2026, सुनील कुमार सिंह एवं 72 अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य से जुड़ा है। 2 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की पीठ ने यूपीसीडा के सीईओ को याचिकाकर्ताओं के 3 अगस्त 2026 के प्रतिनिधित्व पर कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित हितधारकों को सुनवाई का अवसर देने के बाद प्रमाणित आदेश की प्रति प्रस्तुत किए जाने की तारीख से छह सप्ताह के भीतर उचित आदेश पारित किया जाए।

23 सितंबर को CEO और रीजनल मैनेजर को लिखा संयुक्त पत्र
होम बायर्स के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की मांग को लेकर याचिकाकर्ताओं ने 23 सितंबर को संयुक्त रूप से UPSIDA के CEO और रीजनल मैनेजर को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय के निर्देश का हवाला देते हुए उनका पक्ष सुने जाने और प्रतिनिधित्व पर कानून के अनुसार निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की गुहार लगाई है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश में संबंधित हितधारकों को सुनवाई का अवसर दिए जाने की बात स्पष्ट रूप से कही गई है। ऐसे में उन्होंने स्वयं UPSIDA के अधिकारियों से संपर्क कर सुनवाई की तारीख निर्धारित किए जाने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिए जाने का अनुरोध किया है।

समान मामले में दूसरी याचिका पर भी आया था आदेश
होम बायर्स के अनुसार, इसी विषय से संबंधित रिट संख्या 32673 of 2026, पंकज महरोत्रा एवं 25 अन्य की याचिका पर भी 1 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह एवं न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी की पीठ ने संबंधित प्रतिनिधित्व पर कानून के अनुसार निर्णय लेने और पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने संबंधी निर्देश दिए थे।
खरीदारों का आरोप है कि दोनों मामलों में हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद करीब चार सप्ताह गुजर चुके हैं, लेकिन UPSIDA की ओर से उन्हें सुनवाई अथवा कार्रवाई के संबंध में कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई है। उनका कहना है कि जब अदालत ने संबंधित पक्षों की बात सुनकर प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है, तो सुनवाई की प्रक्रिया की जानकारी भी समय से मिलनी चाहिए।
रजिस्ट्री को लेकर खरीदारों की मुख्य मांग
पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट के फ्लैट, विला और स्टूडियो अपार्टमेंट आदि के सब-लीज डीड के निष्पादन एवं पंजीकरण की मांग याचिका में उठाई गई थी। होम बायर्स का कहना है कि जिन खरीदारों ने संपत्ति का पूरा भुगतान कर दिया है और जिन्हें कब्जा भी मिल चुका है, उनकी रजिस्ट्री को बिल्डर और प्राधिकरण के बीच बकाया अथवा अन्य विवाद के कारण अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि वे बिल्डर और प्राधिकरण के बीच विवाद के पक्षकार नहीं हैं और अपनी संविदात्मक देनदारियां पूरी कर चुके हैं।
अब UPSIDA की कार्रवाई पर निगाहें
हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना CEO, UPSIDA को प्रतिनिधित्व पर कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करने तथा सभी संबंधित हितधारकों को सुनवाई का अवसर देने का निर्देश दिया है।
ऐसे में करीब चार सप्ताह बीतने के बाद भी सूचना नहीं मिलने के आरोप के बीच अब खरीदारों की निगाहें UPSIDA की कार्रवाई पर टिकी हैं। उनका सवाल है कि सुनवाई कब होगी और पात्र होम बायर्स की लंबित रजिस्ट्री की दिशा में कब ठोस कदम उठाया जाएगा।
