एसजी ग्रैंड में गूंजा ‘अब आई है बोलने की बारी’: जश्न में दिखी बदलाव की उम्मीद
एसजी ग्रैंड में ‘टीम आशाएं’ की एकतरफा जीत, 10 में 9 सीटों पर कब्जा
नई टीम ने पारदर्शी व्यवस्था और हर बड़े काम में टेंडर प्रक्रिया का दिया भरोसा
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की एसजी ग्रैंड सोसाइटी में रविवार देर रात एओए चुनाव परिणाम घोषित होते ही माहौल अचानक जश्न में बदल गया। ढोल की थाप पर झूमते निवासी, उत्साह से भरे चेहरे और बीच-बीच में गूंजता नारा, “अब आई है बोलने की बारी”। चुनाव परिणामों की यह तस्वीर महज जीत का जश्न नहीं थी, बल्कि सोसाइटी के निवासियों की सक्रिय भागीदारी और अपनी बात खुलकर रखने की भावना को भी सामने ला रही थी।
एओए चुनाव में ‘टीम आशाएं’ ने 10 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज की। टीम के प्रमुख चेहरे भूपेंद्र नाथ को सर्वाधिक 681.02 का स्कोर मिला। दूसरी टीम से केवल निवर्तमान अध्यक्ष ही जीत हासिल कर सके।
600 में करीब 500 ने डाला वोट

इस चुनाव की एक और खास तस्वीर निवासियों की भारी भागीदारी रही। करीब 600 मतों में से लगभग 500 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान का यह आंकड़ा सोसाइटी के निवासियों की जागरूकता और एओए के चुनाव को लेकर उनकी सक्रिय रुचि को दर्शाता है।
परिणाम के बाद जिस तरह निवासियों ने खुलकर अपनी खुशी जाहिर की, उससे चुनाव केवल बोर्ड चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सोसाइटी की व्यवस्था को लेकर उनकी अपेक्षाओं का मंच भी नजर आया।
‘बोलने की बारी’ का संदेश अब नए बोर्ड के सामने

जश्न के दौरान गूंजा “अब आई है बोलने की बारी” का नारा इस चुनाव की सबसे खास तस्वीर बन गया। इस नारे को निवासियों की उस भावना के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वे सोसाइटी के फैसलों में अपनी आवाज, सुझाव और असहमति को भी महत्व दिए जाने की अपेक्षा रखते हैं।
यही वजह है कि नई एओए के सामने अब केवल चुनावी जीत को आगे बढ़ाने की चुनौती नहीं है, बल्कि इस उत्साह और भरोसे को पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेह कार्यशैली में बदलने की जिम्मेदारी भी है।
एओए का पद अधिकार नहीं, जवाबदेही है: भूपेंद्र नाथ

भूपेंद्र नाथ ने कहा कि एओए में जिम्मेदारी मिलना किसी व्यक्ति को अतिरिक्त अधिकार या मनमाने फैसले लेने की शक्ति मिलना नहीं है। यह निवासियों के भरोसे की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सोसाइटी निवासियों के मेंटेनेंस शुल्क से चलती है, इसलिए उनके द्वारा दिए गए एक-एक रुपये का हिसाब और उसके प्रति ईमानदारी एओए की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उनका कहना है कि “एओए का असली अर्थ है निवासियों के एक-एक रुपये और उनके भरोसे के प्रति ईमानदारी।”
गुपचुप नहीं होंगे बड़े काम, सार्वजनिक होंगे टेंडर

भूपेंद्र नाथ ने कहा कि समाचारों के माध्यम से अक्सर ऐसी जानकारी सामने आती है कि कई सोसाइटियों में सिक्योरिटी एजेंसी बदलने, पेंटिंग अथवा अन्य बड़े कार्यों के फैसले निर्धारित नियमों को दरकिनार कर गुपचुप तरीके से ले लिए जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एसजी ग्रैंड में ऐसा नहीं चलेगा। कोई भी बड़ा कार्य निर्धारित टेंडरिंग प्रक्रिया और जीबीएम की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। संबंधित टेंडर सभी निवासियों के व्हाट्सऐप ग्रुप पर साझा किए जाएंगे, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
पिछली बार अकेले, इस बार पूरी टीम

पिछले चुनाव में भूपेंद्र नाथ अपनी टीम से अकेले विजयी होकर बोर्ड में पहुंचे थे, जबकि इस बार उनकी टीम के नौ प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। विजयी प्रत्याशियों में भूपेंद्र नाथ, गौतम गहलौत, शक्ति बजाज, रिंकू शर्मा, मीनू श्री, अभिषेक सक्सेना, विकास शर्मा, सदाशिव शर्मा, हर्षवर्धन राय और अरुण मलिक शामिल हैं। दूसरी टीम से केवल निवर्तमान अध्यक्ष विजयी हुए।
