RBI का बड़ा फैसला, रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ा: 5.50% हुआ
फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
नई दिल्ली। महंगाई के बढ़ते दबाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया है।

फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार है जब RBI ने रेपो रेट बढ़ाया है। छह सदस्यीय MPC ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया। RBI ने अपनी नीति का रुख भी ‘न्यूट्रल’ से ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ की ओर किया है, जिससे आने वाले समय में महंगाई पर केंद्रीय बैंक की सख्ती के संकेत मिलते हैं।
RBI के इस फैसले का सीधा असर कर्ज लेने वालों पर पड़ सकता है। बैंकों की फंडिंग लागत बढ़ने की स्थिति में होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी संभव है, जिसका असर आगे चलकर EMI पर पड़ सकता है।
RBI के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बढ़ते महंगाई दबाव मौद्रिक नीति के लिए चुनौती बने हुए हैं। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की घरेलू गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं।
तीन साल बाद फिर ब्याज दरों में बढ़ोतरी
RBI का यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि केंद्रीय बैंक ने इससे पहले फरवरी 2023 में रेपो रेट बढ़ाया था। वर्ष 2025 में RBI ने कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी और बाद की कई बैठकों में रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा गया था। अक्टूबर की बैठक में अब केंद्रीय बैंक ने एक बार फिर सख्ती का रुख अपनाया है।
महंगाई और तेल की कीमतों पर RBI की नजर
RBI का ताजा कदम ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव ने महंगाई के जोखिम को बढ़ाया है। अगस्त में भारत की उपभोक्ता महंगाई दर 4.82% रही, जो RBI के 4% लक्ष्य से लगातार तीसरे महीने ऊपर थी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या RBI की यह दर वृद्धि आगे भी जारी रहेगी। बाजार में फिलहाल आगे की मौद्रिक नीति को लेकर भी सतर्क नजरिया बना हुआ है।
