गुलमोहर ग्रीन्स में चुनाव के 20 दिन बाद भी नई AOA को कार्यभार नहीं! रविवार को प्रदर्शन का ऐलान!!
पूर्व बोर्ड पर हैंडओवर नहीं देने का आरोप, कूड़ा निस्तारण से लेकर लिफ्ट की समस्याओं तक प्रभावित होने का दावा
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संवाददाता
गाजियाबाद। मोहन नगर स्थित गुलमोहर ग्रीन्स सोसाइटी में AOA चुनाव के बाद कार्यभार हस्तांतरण को लेकर विवाद गहरा गया है। 20 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी द्वारा गठित नामित चुनाव अधिकारियों के पैनल के तहत लघु सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता ने चुनाव संपन्न कराया था। नवनिर्वाचित बोर्ड के अनुसार, सभी 10 पदों पर नए सदस्य निर्वाचित हुए, लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी उन्हें कार्यभार नहीं सौंपा गया है। इसके विरोध में नई कार्यकारिणी ने रविवार, 11 अक्टूबर को सोसाइटी के सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसकी सूचना जिलाधिकारी और डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स को ईमेल के माध्यम से दी गई है।

नवनिर्वाचित सचिव का आरोप, रोजमर्रा के काम प्रभावित
नवनिर्वाचित सचिव कर्नल दिनेश बिष्ट (सेवानिवृत्त) का कहना है कि चुनाव प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत संपन्न कराए गए, लेकिन पूर्व बोर्ड कार्यभार सौंपने में देरी कर रहा है। उनके मुताबिक, इसका असर सोसाइटी की बुनियादी व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। कूड़ा निस्तारण और साफ-सफाई तक प्रभावित हो रही है, जबकि लिफ्ट से संबंधित समस्याएं भी बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि निर्वाचित कार्यकारिणी को जिम्मेदारी मिलने पर ही रखरखाव से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
निवर्तमान अध्यक्ष ने साक्ष्यों के साथ आपत्तियां देने की बात कही
निवर्तमान AOA अध्यक्ष ब्रजभूषण चौधरी का कहना है कि उन्होंने चुनाव से संबंधित कुछ आपत्तियां साक्ष्यों के साथ डिप्टी रजिस्ट्रार को सौंपी हैं। उन्हें उम्मीद है कि विभाग सभी तथ्यों पर विचार करते हुए विधिसम्मत निर्णय लेगा।
शिकायतों का परीक्षण जारी: डिप्टी रजिस्ट्रार

डिप्टी रजिस्ट्रार निखलेश राजन ने कहा कि चुनाव से संबंधित शिकायतों का परीक्षण किया जा रहा है। चुनाव से पहले मामला हाई कोर्ट भी पंहुचा था, इसलिए सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी, इस बारे में फिलहाल कोई समयसीमा सामने नहीं आई है।
हाईकोर्ट ने चुनाव रोकने से किया था इनकार

गुलमोहर ग्रीन्स के चुनाव और मतदाता सूची का विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक रिट याचिका में भी उठा था। 10 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने आदेश दिया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद उसे उस स्तर पर रोका नहीं जा सकता। हालांकि, याचिकाकर्ताओं को निर्वाचित सदस्यों के पंजीकरण के समय आपत्तियां उठाने की स्वतंत्रता दी गई और संबंधित प्राधिकारी को उन पर कानून के अनुसार विचार करने को कहा गया। अदालत ने सभी तथ्यात्मक और कानूनी सवाल खुले रखे थे।
अब सोसाइटी के निवासियों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। एक ओर निवर्तमान अध्यक्ष ने चुनाव संबंधी आपत्तियां देने की बात कही है, तो दूसरी ओर नई कार्यकारिणी कार्यभार सौंपने और रखरखाव व्यवस्था सुचारु करने की मांग कर रही है। सवाल यह है कि शिकायतों की जांच के बीच कार्यभार हस्तांतरण का रास्ता कब साफ होगा और सोसाइटी की बुनियादी समस्याओं का समाधान कब शुरू होगा।
