जातिवाद की बीमारी समाज को कमजोर करती है, जिन्नावाद के खिलाफ एकजुट हों: योगी
सरदार पटेल की जयंती पर मुख्यमंत्री का विभाजनकारी ताकतों पर प्रहार
बोले- समाज की एकता कमजोर करने वालों को पहचानना जरूरी
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद को समाज की एकता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इन प्रवृत्तियों से समाज की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। जिन्ना को आदर्श मानने और समाज को बांटने वाले लोग सरदार वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। जातिवाद और जिन्नावाद जैसी विभाजनकारी सोच का मुकाबला सभी को मिलकर करना होगा।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर लखनऊ के जीपीओ स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एकता दिवस पर उपस्थित लोगों को देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ भी दिलाई।
जातिवाद समाज को भीतर से करता है कमजोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर बीमारियां हमला करती हैं, उसी प्रकार जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद समाज को भीतर से कमजोर करते हैं। ऐसी प्रवृत्तियां देश की एकता के लिए खतरा बनती हैं और बाहरी आक्रांताओं को हमला करने का अवसर देती हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही है, जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखता हो।

563 से अधिक रियासतों को भारत में मिलाया
सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया। जूनागढ़ और हैदराबाद के विलय में भी उनकी निर्णायक भूमिका रही। गुजरात के केवड़िया में स्थापित उनकी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा उनके विराट व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति योगदान का प्रतीक है।
अनुच्छेद-370 पर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने कश्मीर के मुद्दे पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार और पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने अनुच्छेद-370 लागू किए जाने को कांग्रेस की ऐतिहासिक भूल बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इसे समाप्त कर कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया गया। इससे सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत अनेक राष्ट्रनायकों का सपना साकार हुआ।
हर जिले में रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र के गठन की कार्रवाई शुरू की जा रही है। युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार व्यवस्थित तरीके से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई युवा बेरोजगार न रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2014 से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर एकता की शपथ, राष्ट्रीय एकता दौड़ और विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों के जरिए समाज को जोड़ने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता के सामने चुनौतियां खड़ी करने और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने वाली ताकतों का मुकाबला सभी को मिलकर करना होगा।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, चौधरी भूपेंद्र सिंह, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक शशांक वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
