लैंडक्राफ्ट में हैंडओवर विवाद गहराया, AOA ने GDA उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी से लगाई गुहार!
हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन पर उठाए सवाल, बिल्डर से लंबित कार्य पूरे कराने की मांग
CAM बिलों की वसूली और साझा सुविधाओं के हस्तांतरण पर भी विवाद
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित लैंडक्राफ्ट गोल्फलिंक सोसायटी में बिल्डर और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के बीच विधिवत हैंडओवर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोसायटी की AOA ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर लंबित कार्य पूरे कराने तथा कॉमन एरिया मेंटेनेंस (CAM) चार्ज की वसूली पर रोक लगाने की मांग की है। एसोसिएशन ने अपने पत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट और GDA के आदेशों का हवाला देते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित होने का आरोप लगाया है।
फायर एनओसी से लेकर विद्युत व्यवस्था तक लंबित कार्यों का मुद्दा
AOA ने अपने पत्र में फायर सिस्टम को पूरी तरह चालू कराने, फायर एनओसी की मूल प्रति सौंपने, एक्सपेंशन जॉइंट और वाटर लीकेज से संबंधित कार्य पूरे करने तथा हैंडओवर-टेकओवर के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने की मांग की है। विद्युत व्यवस्था को AOA के नियंत्रण में सौंपने का मुद्दा भी उठाया गया है।
हैंडओवर विवाद के बीच फ्लैट मालिकों से IFMS और सिंकिंग फण्ड के नाम पर जमा रकम का हिसाब भी सवालों के घेरे में है। एओए की मांग है कि बिल्डर बताए, यह कुल राशि कितनी है और फ्लैट मालिकों को हैंडओवर के साथ वापस की जाए।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि इन महत्वपूर्ण कार्यों के लंबित रहने के बावजूद हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उसने GDA और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर बिल्डर को लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश देने की मांग की है।
AOA सचिव प्रभात राणा का कहना है कि-

बिल्डर ने अभी तक सोसायटी का हैंडओवर एसोसिएशन को नहीं दिया है। उनका तर्क है कि जब तक हैंडओवर नहीं होता, तब तक बिल्डर द्वारा CAM चार्ज का बिल जारी करना और उसकी मांग करना अवैध है!
राणा के मुताबिक, यह मांग उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट अधिनियम की विधिक व्यवस्था के भी विरुद्ध है।
हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन पर सवाल
AOA ने अपने पत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक रिट याचिका 27 मई 2025 को पारित आदेश और GDA के 20 दिसंबर 2025 के आदेश का उल्लेख किया है। एसोसिएशन का दावा है कि पहले भी लंबित कार्यों के संबंध में पत्राचार किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
पत्र में CAM चार्ज की वसूली तत्काल रोकने और अब तक वसूली गई राशि का हिसाब कराकर उसे वापस करने की मांग भी की गई है।
निवासियों के पैसे और अधिकारों का सवाल
हाईराइज सोसायटियों में रखरखाव शुल्क का सीधा संबंध हजारों फ्लैट मालिकों की जेब से होता है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि हैंडओवर की स्थिति क्या है, और CAM चार्ज किस कानूनी आधार पर वसूला जा रहा है।
