AOA चुनाव में अनोखा संकल्प! जीतने पर भ्रष्टाचार मुक्त सोसाइटी, नाकाम रहे तो इस्तीफा!!
हिमालय प्राइड के प्रत्याशी देवेंद्र कुमार सिंह ने चुनाव से पहले ही तय की जवाबदेही की तारीख
बोले- वादा पूरा नहीं हुआ तो 1 जुलाई को निवासी ले लें इस्तीफा
NEWS1UP
संवाददाता
नोएडा। चुनाव जीतने के लिए वादे तो हर उम्मीदवार करता है, लेकिन क्या कोई प्रत्याशी चुनाव से पहले ही अपने इस्तीफे की तारीख भी तय कर सकता है ? ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हिमालय प्राइड सोसाइटी में एओए चुनाव के दौरान एक प्रत्याशी ने कुछ ऐसा ही ऐलान किया है। उन्होंने सोसाइटी को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का वादा किया है और साथ ही चुनौती दी है कि यदि वह इसमें सफल नहीं हुए तो निवासी उनसे इस्तीफा ले लें। इसके लिए उन्होंने बाकायदा तारीख भी घोषित कर दी है, 1 जुलाई! यानी चुनाव जीतने की अपील के साथ ही उन्होंने अपने लिए जवाबदेही की समयसीमा भी तय कर दी है।
दरअसल, हिमालय प्राइड सोसाइटी में रविवार, 1 नवंबर को एओए चुनाव होने जा रहे हैं। कुल 23 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें टीम सेवा दल समर्थित सात, वन टीम वन विजन के नौ और सात निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। इन्हीं में देवेंद्र कुमार सिंह भी हैं, जिन्होंने अपने चुनाव प्रचार पोस्टर पर लिखा है कि वह सोसाइटी को नोएडा की पहली भ्रष्टाचार मुक्त सोसाइटी बनाएंगे। ऐसा नहीं कर पाए तो सातवें महीने की पहली तारीख को निवासी उनसे इस्तीफा ले लें।
बैलेट नंबर 7 और इस्तीफे की तारीख 1 जुलाई!
देवेंद्र के इस ऐलान के पीछे भी एक दिलचस्प संयोग है। एक नवंबर को मतदान और उनका बैलेट नंबर सात है। इसी सात के अंक को आधार बनाकर उन्होंने सातवें महीने की पहली तारीख यानी 1 जुलाई को अपनी जवाबदेही की समयसीमा घोषित किया है। उनका संदेश है कि चुनाव जीतने के बाद पद पर बने रहना ही मकसद नहीं होगा, बल्कि अपने वादे पर खरा उतरना भी जरूरी होगा।
सिक्योरिटी एजेंसी और बड़े खर्चों पर उठाया सवाल

देवेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, सोसाइटियों में निवासियों की सबसे बड़ी शिकायत एओए के वित्तीय फैसलों में पारदर्शिता की कमी को लेकर रहती है। खासकर सिक्योरिटी एजेंसियों की नियुक्ति, उनके भुगतान और बड़ी लागत वाले कार्यों में निवासियों को पूरी जानकारी नहीं मिल पाती। सवाल यह भी है कि किस एजेंसी को काम क्यों दिया गया, किस आधार पर उसका चयन हुआ और बड़े खर्चों पर निर्णय लेते समय निवासियों की राय कितनी ली गई ?
उनका कहना है कि निवासी सुरक्षा, लिफ्ट, साफ-सफाई और रखरखाव समेत तमाम सुविधाओं के लिए नियमित रूप से मेंटेनेंस चार्ज चुकाते हैं। ऐसे में उन्हें यह जानने का अधिकार है कि उनकी रकम कहां और किस मद में खर्च हो रही है। वित्तीय फैसलों की जानकारी और खर्चों का हिसाब निवासियों से छिपा नहीं रहना चाहिए।
हर निवासी की भागीदारी, LED स्क्रीन पर भी साझा होगी जानकारी
देवेंद्र का कहना है कि यदि वह चुनाव जीतते हैं तो महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों में हर निवासी की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। इसके लिए सोसाइटी में लगी प्रचार कंपनी की एलईडी स्क्रीन और संवाद के सभी उपलब्ध प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। उनका उद्देश्य है कि वित्तीय फैसलों, बड़े खर्चों और प्रबंधन से जुड़ी जानकारियां सभी निवासियों तक पहुंचें। यानी एओए के फैसले केवल कुछ पदाधिकारियों तक सीमित न रहें, बल्कि निवासियों को भी उनकी जानकारी हो।
700 मतदाता, 23 उम्मीदवार और जवाबदेही का सवाल
इस चुनाव में करीब 700 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। कुल 23 उम्मीदवारों के बीच होने वाला यह मुकाबला नई एओए का गठन करेगा। लेकिन देवेंद्र कुमार सिंह के इस्तीफे वाले संकल्प ने चुनावी चर्चा को एक अहम सवाल से जोड़ दिया है, क्या एओए चुनावों में अब केवल जीतने के लिए वादे होंगे या निर्वाचित पदाधिकारियों से उन वादों का हिसाब भी मांगा जाएगा ?
