14 दिन की न्यायिक हिरासत में आजम खान! अदालत में छलका दर्द, बोले- अब कहने के लिए बचा ही क्या है ?
रिहाई के चंद घंटे भी नहीं हुए और फिर गिरफ्तारी!
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जेल से रिहा होने के कुछ ही समय बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। रविवार को गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अदालत में पत्रकारों के सवाल पर छलका दर्द
अदालत में पेशी के दौरान भारी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच जब पत्रकारों ने आजम खान से पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहते हैं, तो उनका जवाब था, ‘अब कहने के लिए बचा ही क्या है ?’ उनका यह संक्षिप्त जवाब चर्चा का विषय बन गया।
जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट पर ईडी की जांच
ईडी के सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2019 में आजम खान के खिलाफ 26 मामले दर्ज होने के बाद एजेंसी ने 1 अगस्त 2019 को PMLA के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान एजेंसी ने आरोप लगाया कि रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और उसके तहत स्थापित जौहर यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया।
ईडी का यह भी आरोप है कि विश्वविद्यालय के निर्माण के दौरान ठेकेदारों और अन्य लोगों से कथित तौर पर अवैध वसूली की गई, जिससे करीब 426 करोड़ रुपये जुटाए गए। एजेंसी इन आरोपों और कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
रिहाई के बाद फिर गिरफ्तारी
गौरतलब है कि शनिवार को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान रामपुर जेल से बाहर आए थे। लेकिन जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। रविवार को अदालत में पेशी के दौरान ईडी ने पूछताछ के लिए 14 दिन की हिरासत मांगी थी। आजम खान के वकीलों ने इसका विरोध किया, लेकिन अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
