September 21, 2026
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बड़ी प्रशासनिक खबर: उत्तर प्रदेश में आईएएस अधिकारियों के व्यापक फेरबदल, विकास और सुशासन को मिलेगी नई रफ्तार!

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सरकारी सेवाओं में दक्षता और विकास योजनाओं को गति देने का प्रयास

NEWS1UP

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में नई ऊर्जा भरने के उद्देश्य से कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए महत्वपूर्ण विभागों में फेरबदल किया है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह बदलाव राज्य की विकास योजनाओं में तेजी लाने और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने की मंशा के साथ किए गए हैं।

इस बार का फेरबदल नियोजन, अर्थव्यवस्था, परिवहन, पर्यटन, तकनीकी शिक्षा और स्थानीय निकायों जैसे अहम विभागों को प्रभावित कर रहा है।

 प्रमुख तबादले: 

 सेल्वा कुमारी जे. – अब महानिदेशक, प्राविधिक शिक्षा और सचिव, प्राविधिक शिक्षा विभाग के रूप में नई जिम्मेदारी निभाएंगी। पहले वे नियोजन विभाग की सचिव और महानिदेशक, अर्थ एवं संख्या थीं।

आईएएस सेल्वा कुमारी जे

 समीर वर्मा- आईएएस (प्रतीक्षारत) – को अब नियोजन विभाग का सचिव एवं महानिदेशक, अर्थ एवं संख्या नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति राज्य की आर्थिक नीति और योजना निर्माण को नई दिशा देने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 

परिवहन क्षेत्र में भी नई शुरुआत:

प्रभु नारायण सिंह- आईएएस (प्रतीक्षारत) – को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) बनाया गया है। सिंह अब मासूम अली सरवर की जगह लेंगे। उम्मीद की जा रही है कि उनके नेतृत्व में राज्य की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को नई ऊर्जा मिलेगी।

 मासूम अली सरवर-  को अब मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है।

 पर्यटन और शहरी विकास में नई जिम्मेदारियाँ:

 आशीष कुमार विशेष सचिव, स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग अब बने प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम।

 सुधीर कुमार-  नगर आयुक्त, कानपुर नगर – को स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है।

 अर्पित उपाध्याय- मुख्य विकास अधिकारी, रायबरेली  को अब नगर आयुक्त, कानपुर नगर नियुक्त किया गया है।

 अंजुलता- मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को मुख्य विकास अधिकारी, रायबरेली के पद पर भेजा गया है।

 प्रशासनिक बदलावों का उद्देश्य:

इन फेरबदल से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों में तीव्रता और जनसेवा की गुणवत्ता को एक नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुभवी और नई ऊर्जा से लैस अधिकारियों की तैनाती से नीतिगत निर्णयों और ज़मीनी क्रियान्वयन दोनों में मजबूती आने की उम्मीद है। यह फेरबदल ना केवल प्रशासनिक संतुलन का प्रतीक है, बल्कि राज्य सरकार की विकास-केन्द्रित सोच का प्रमाण भी माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश के नागरिकों को आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर और भी नए बदलाव तथा विकास की नई गति देखने को मिल सकती है।

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