सत्यनिष्ठा और सजगता का उत्सव: गाजियाबाद पासपोर्ट कार्यालय में सतर्कता सप्ताह!
CBI व साइबर विशेषज्ञों ने दी नैतिकता और डिजिटल सुरक्षा की सीख
पारदर्शी सेवाओं से नागरिकों का विश्वास और सुदृढ़ होगा: अनुज स्वरुप
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद में 18 अगस्त 2025 से 17 नवम्बर 2025 तक तीन माह की अवधि के लिए सतर्कता जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सत्यनिष्ठा के मूल्यों को सशक्त बनाना है।
अभियान के अंतर्गत “सतर्कता जागरूकता सप्ताह” का विशेष आयोजन 27 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2025 तक किया गया, जिसमें अनेक गतिविधियों, कार्यशालाओं और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से कार्मिकों एवं नागरिकों को ईमानदारी और सुशासन के सिद्धांतों से अवगत कराया गया।
विशेष कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण सत्र
इस अवसर पर कार्यालय में नैतिक मूल्यों, आचरण नियमावली, सतर्कता जागरूकता एवं भ्रष्टाचार निवारण से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। कार्यशाला के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), गाजियाबाद के सहायक पुलिस अधीक्षक शिव कुमार जयंत ने सतर्कता के विभिन्न आयामों पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि “सतर्कता केवल भ्रष्टाचार से बचाव का माध्यम नहीं, बल्कि यह प्रशासनिक दक्षता और नैतिक दायित्व का प्रतीक है।”
साथ ही, साइबर सुरक्षा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विषय पर विशेषज्ञ डॉ. वंदना गुलिया ने एक अत्यंत उपयोगी सत्र का संचालन किया। उन्होंने ऑनलाइन कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा सावधानियों, डेटा प्रोटेक्शन और डिजिटल एथिक्स पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।

सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा और नागरिक सहभागिता
सप्ताह के दौरान कार्यालय के सभी कार्मिकों ने सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा लेकर अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही, हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से पासपोर्ट आवेदकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और नियमों की जानकारी दी गई, जिससे नागरिकों में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहन मिला।
नाट्य मंचन से मिला नैतिक संदेश
जन-सामान्य तक सतर्कता का संदेश प्रभावी रूप से पहुँचाने के उद्देश्य से मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी “नमक का दरोगा” पर आधारित नाट्य मंचन भी आयोजित किया गया। इस नाटक ने सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता और नैतिक साहस के महत्व को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित लोगों ने अत्यंत सराहा।
डिजिटल और दृश्य माध्यमों से संदेश प्रसार
कार्यालय परिसर में पोस्टर, बैनर, स्लोगन और डिजिटल डिस्प्ले के जरिए सतर्कता जागरूकता का संदेश प्रसारित किया गया। कर्मचारियों और आगंतुकों ने इन संदेशों के माध्यम से ईमानदार कार्यसंस्कृति को अपनाने की प्रेरणा ली।
इस अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरुप (भारतीय विदेश सेवा) ने बताया कि विदेश मंत्रालय के निर्देशानुसार यह अभियान कार्यालय में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा-
“सतर्कता अभियान का उद्देश्य न केवल भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करना है, बल्कि नागरिकों को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुलभ सेवाएँ प्रदान कर सुशासन और जनविश्वास को सुदृढ़ बनाना भी है।”
यह सतर्कता जागरूकता अभियान न केवल सरकारी कार्मिकों में नैतिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करता है, बल्कि नागरिकों को भी यह संदेश देता है कि सुशासन तभी संभव है जब हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठा और ईमानदारी से करे।
