दिल्ली में दमघोंटू हवा! सीएम रेखा गुप्ता की अपील, कारपुलिंग करें, घर से काम करें और शहर को सांस लेने दें!
अब बदलेंगे ऑफिस टाइम और काम करने के तरीके
NEWS1UP
संवाददाता
नई दिल्ली। देश की राजधानी एक बार फिर गैस चेंबर बन चुकी है। हर सांस अब बोझ बन गई है। राजधानी की हवा में जहरीले कणों की बढ़ती मात्रा ने लोगों की सेहत पर हमला बोल दिया है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, बच्चों और बुजुर्गों को खांसी, जुकाम और सांस की तकलीफ ने घेर लिया है। ऐसे हालात में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से एक भावनात्मक अपील की है “दिल्ली हमारी है, इसे बचाना भी हम सबकी जिम्मेदारी है।”
कारपूलिंग से कम होगा जाम और धुआं

सीएम गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे न केवल जाम बढ़ता है बल्कि हवा में ज़हर भी घुलता है। उन्होंने राजधानी के लोगों से अपील की कि वे कारपूलिंग को अपनाएं और अनावश्यक निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करें।उन्होंने कहा, एक ही दिशा में जाने वाले लोग एक साथ सफर करें, इससे ट्रैफिक भी घटेगा और प्रदूषण भी कम होगा।
निजी संस्थानों से ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अपील

दिल्ली सरकार ने निजी संस्थानों से भी आग्रह किया है कि वे कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा दें। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव घटेगा और वायु प्रदूषण में कमी आएगी। सीएम गुप्ता ने कहा “अगर हम कुछ महीनों तक घर से काम करने का विकल्प अपनाते हैं, तो यह दिल्ली की सेहत के लिए बड़ी राहत साबित होगी”।
दफ्तरों के समय में बदलाव: भीड़ और प्रदूषण पर काबू पाने की कोशिश
राजधानी में ट्रैफिक की सबसे बड़ी समस्या दफ्तरों के समान समय पर खुलने की है। अब इस पर भी सरकार ने कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक सरकारी और नगर निगम दफ्तरों के समय में बदलाव किया गया है-
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दिल्ली सरकार के कार्यालय अब सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।
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नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुलेंगे।
पहले दोनों के समय में मात्र 30 मिनट का अंतर था, जिससे सुबह और शाम दोनों वक्त सड़कों पर भारी जाम लग जाता था। इस छोटे से बदलाव से ट्रैफिक दबाव घटाने और प्रदूषण को कुछ हद तक रोकने की उम्मीद है।
हवा में जहर: लोगों की सेहत पर असर
बीते कुछ दिनों से दिल्ली का AQI “खतरनाक” श्रेणी में पहुंच चुका है। कई इलाकों में हवा में सूक्ष्म कण (PM 2.5 और PM 10) की मात्रा मानक सीमा से कई गुना अधिक दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार ऐसे स्तर पर हवा रहने से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खतरा गंभीर हो सकता है।
दिल्ली को सांस लेने दें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सरकार अपने स्तर पर हरसंभव कदम उठा रही है, लेकिन असली सफलता तभी मिलेगी जब जनता भी साथ दे। उन्होंने कहा-
“हवा हम सबकी है, इसे साफ रखना सबकी जिम्मेदारी है। अगर हर नागरिक थोड़ी जिम्मेदारी दिखाए, गाड़ी कम चलाए, पेड़ लगाए, और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचे तो दिल्ली फिर से सांस ले पाएगी।”
दिल्ली की सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण की चादर और गहरी हो रही है। ऐसे में यह समय सिर्फ शिकायत करने का नहीं, बल्कि समाधान का हिस्सा बनने का है।
