3 बीघा जमीन के लिए बेटे ने मां को पीटा!

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NEWS1UP

संवाददाता

झांसी। यूपी के झाँसी से से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। यहां पेलगुवा गांव में 80 वर्षीय मन्नू देवी नाम की बुजुर्ग मां को उसी के छोटे बेटे और बहुओं ने तीन बीघा जमीन के लालच में बेरहमी से पीट दिया। रिश्तों की मर्यादा और ममता का आदर, सब कुछ चंद बीघा जमीन के नीचे दबकर रह गया।

 जमीन के लालच में टूटा मां-बेटे का रिश्ता

झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के पेलगुवा गांव की रहने वाली मन्नू देवी, स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की पत्नी हैं। पति के निधन के बाद उनके नाम पर करीब तीन बीघा कृषि भूमि दर्ज थी। दो बेटों, बड़ा बेटा मंगल यादव और छोटा बेटा संतराम यादव, के बीच यह जमीन विवाद की जड़ बन गई।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि छोटा बेटा संतराम और उसकी पत्नी कुंती, साथ ही बड़ी बहू राममूर्ति यादव, लंबे समय से जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। जब मां ने इंकार किया, तो उन्होंने उसे रोज़ाना अपमानित करना, भूखा रखना और मारपीट करना शुरू कर दिया।

 लाठियों से हमला, फिर डाई पिलाने की कोशिश

5 नवंबर की रात जब बड़ा बेटा किसी पंचायत में गया हुआ था, तब घर में अकेली मन्नू देवी पर छोटे बेटे और दोनों बहुओं ने हमला बोल दिया। आरोप है कि उन्होंने लाठियों और डंडों से बुरी तरह पिटाई की और जान से मारने की नीयत से जबरन डाई पिलाने की कोशिश की। किसी तरह जान बचाकर मन्नू देवी घर से भागीं और सुबह थाने पहुंचीं।

थाने में बुजुर्ग मां का फफक-फफक कर रोना, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के दिल को भी पिघला गया। इंसानियत दिखाते हुए पुलिस ने पहले उन्हें पानी दिया, कुर्सी पर बैठाया और पूरी बात सुनी। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे संतराम यादव, उसकी पत्नी कुंती और बड़ी बहू राममूर्ति यादव के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।

 पुलिस की कार्रवाई और जांच

सीपरी बाजार थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता की हालत अब स्थिर है और उसे चिकित्सकीय सहायता दी जा रही है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।

थाना प्रभारी ने कहा-

“मां के साथ ऐसा बर्ताव किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी”

 रिश्तों की जड़ों को खोखला करती ज़मीन की चाह

यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि उस पीड़ा की मिसाल है जिसमें लालच रिश्तों को निगल जाता है। जिस मां ने बेटे को गोद में खिलाया, उसी बेटे के हाथों से उसे लाठियां खानी पड़ीं। झांसी का यह मामला एक सवाल छोड़ जाता है, क्या कुछ बीघा जमीन की कीमत अब मां के आशीर्वाद से भी ज़्यादा हो गई है?

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