February 11, 2026

गुरुग्राम में सभी प्राइवेट ऑफिसों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह, सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव!

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बढ़ते प्रदूषण पर सख्ती!

NEWS1UP

संवाददाता

गुरुग्राम। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ऑफिस जाने के समय बढ़ता ट्रैफिक, सड़कों पर लंबा जाम और वाहनों से निकलता धुआं प्रदूषण को और गंभीर बना रहा है। इसी को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी प्राइवेट कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने की अपील की है।

गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर अजय कुमार ने एक आधिकारिक सलाह जारी कर कहा है कि अगले आदेश तक सभी प्राइवेट ऑफिस घर से काम करने का मॉडल अपनाएं। प्रशासन का मानना है कि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या घटेगी और प्रदूषण पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।

GRAP-IV लागू, लेकिन हवा अब भी ‘बहुत खराब’

दिल्ली-एनसीआर में खराब हवा के चलते ग्रैप-4 (GRAP-IV) के सख्त उपाय लागू कर दिए गए हैं। इसके बावजूद ठंड और कोहरे की वजह से वायु गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के अनुसार, सोमवार सुबह गुरुग्राम का AQI 325 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है जबकि दिल्ली का AQI 366 रहा, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव

वर्क फ्रॉम होम की अपील के साथ-साथ जिला प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया है, ताकि पीक ऑवर में आवागमन कम किया जा सके।

हरियाणा राज्य सरकार के सभी कार्यालय:
सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक

गुरुग्राम नगर निगम और मानेसर नगर निगम:
सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक

सोहना नगर परिषद, पटौदी मंडी नगर परिषद और फर्रुखनगर नगर समिति:
सुबह 8:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक

प्रशासन के अनुसार, ऑफिस टाइम में यह बदलाव सुबह-शाम के ट्रैफिक दबाव को कम करने और प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से किया गया है।

GRAP-IV रहेगा लागू, आगे और सख्ती संभव

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्देश तब तक लागू रहेंगे जब तक GRAP-IV प्रभावी रहेगा।

अधिकारियों ने कहा- 

“ये कदम जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के हित में उठाए गए हैं। यदि वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तो और कड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं।”

बहरहाल, प्रशासन की यह अपील अब प्राइवेट कंपनियों की जिम्मेदारी भी तय करती है कि वे कर्मचारियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को गंभीरता से लागू करें।

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