February 12, 2026

यीडा बनेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्रियल हब!

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को

यमुना, ईस्टर्न पेरिफेरल और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से मिलेगी

हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ/नोएडा। उत्तर प्रदेश अब केवल आबादी वाला राज्य नहीं, बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री के दम पर देश की आर्थिक दिशा तय करने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र को जिस तरह मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, उसने जेवर और आसपास के इलाकों को उत्तर भारत का भविष्य का आर्थिक इंजन बना दिया है।

इस पूरी रणनीति के केंद्र में है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर, जिसे केवल एक हवाई अड्डा नहीं बल्कि एविएशन, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग का समन्वित इकोसिस्टम बनाने की योजना है। सरकार का लक्ष्य साफ है कि उत्तर प्रदेश को निवेश और रोजगार के मामले में दिल्ली-मुंबई जैसे स्थापित कॉरिडोर के समकक्ष खड़ा करना।

सड़क, रेल और हवा: एक ही प्लेटफॉर्म पर विकास

YEIDA क्षेत्र की खास बात यह है कि यहां विकास किसी एक माध्यम तक सीमित नहीं है। 8 लेन यमुना एक्सप्रेसवे को सीधे एयरपोर्ट से जोड़कर दिल्ली और पश्चिमी यूपी की दूरी मिनटों में सिमटने वाली है। वहीं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के जुड़ाव से यह इलाका देश के सबसे बड़े औद्योगिक कॉरिडोर से सीधे लिंक हो गया है।

सरकारी योजनाओं में आगे गंगा एक्सप्रेसवे और NH-34 को जोड़ने की तैयारी भी शामिल है, जिससे पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक का माल और मानव संसाधन बिना रुकावट जेवर तक पहुंच सकेगा।

लॉजिस्टिक्स का नया मॉडल: शहरों से दूर, सीधे एयरपोर्ट तक

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ राकेश सिंह ने बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि एयर, रोड, रेल, आरआरटीएस और एक्सप्रेसवे, पांचों माध्यमों से निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाए। इसके तहत 8 लेन एक्सेस कंट्रोल यमुना एक्सप्रेसवे को एयरपोर्ट से सीधे जोड़ा गया है, जिससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक तेज आवाजाही संभव होगी। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से हरियाणा और उत्तराखंड की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जबकि दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे बल्लभगढ़ इंटरचेंज के जरिए जेवर एयरपोर्ट से जुड़कर देश के सबसे बड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक कॉरिडोर को सीधा लाभ पहुंचाएगा।

सेमीकंडक्टर से इलेक्ट्रिक व्हीकल तक: इंडस्ट्री का नया केंद्र

इन्फ्रास्ट्रक्चर के समानांतर उद्योगों की तस्वीर भी तेजी से बदल रही है। EMC पार्क में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का क्लस्टर उभर रहा है। HCL–Foxconn समूह, डिक्सन, हैवेल्स और सेमीकंडक्टर टेस्टिंग यूनिट्स का आना इस बात का संकेत है कि YEIDA अब केवल जमीन नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और वैल्यू चेन का केंद्र बन रहा है।

ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में एस्कॉर्ट्स कुबोटा, मिंडा कॉर्पोरेशन और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों का निवेश भविष्य के ग्रीन ट्रांसपोर्ट की नींव रख रहा है। वहीं सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के मानचित्र पर मजबूत स्थान दिला रहे हैं।

रोजगार नहीं, करियर का वादा

सरकार का दावा है कि यह विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के जरिए लाखों युवाओं के लिए स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड रोजगार के अवसर पैदा होंगे। YEIDA क्षेत्र अब केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक ऐसा न्यू-एज अर्बन-इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम बन रहा है, जहां काम, कनेक्टिविटी और क्वालिटी ऑफ लाइफ एक साथ विकसित होंगे।

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