गाजियाबाद के तीन शिक्षकों का बढ़ा मान: CM योगी ने प्रोटोकॉल तोड़कर सभी 81 शिक्षकों को अपने हाथों से दिया पुरस्कार
शिक्षक दिवस पर गाजियाबाद को मिली बड़ी उपलब्धि
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से तीन शिक्षक प्रदेश स्तरीय सम्मान से नवाजे गए
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गोरखपुर। शिक्षक दिवस पर गोरखपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह में गाजियाबाद का नाम भी गौरव के साथ दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश के 81 चयनित शिक्षकों में गाजियाबाद के तीन शिक्षकों को प्रदेश स्तरीय सम्मान मिला। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग से प्राथमिक विद्यालय ननकागढ़ी, राजापुर की प्रधानाध्यापक ज्योत्स्ना गोस्वामी, माध्यमिक शिक्षा विभाग से जवाहर लाल मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य रेनू तोमर और गोविंदपुरम स्थित महर्षि दयानन्द विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज के मानविकी अध्यापक डॉ. आनंद कुमार शामिल हैं।
गाजियाबाद के तीन सितारे, प्रदेश के मंच पर सम्मान

शिक्षक दिवस पर योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन तीनों शिक्षकों सहित प्रदेश के कुल 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री को पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार केवल 10 शिक्षकों को अपने हाथों से सम्मानित करना था। लेकिन जब पुरस्कार वितरण शुरू हुआ तो मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का प्रोटोकॉल बदलते हुए कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए सभी चयनित शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पहले से निर्धारित 10 शिक्षकों के साथ-साथ शेष 71 शिक्षकों को भी मंच पर बुलाकर स्वयं पुरस्कार प्रदान किया। यानी गाजियाबाद के तीनों शिक्षक भी उन शिक्षकों में शामिल रहे जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से सम्मानित किया।
ज्योत्स्ना गोस्वामी ने सरकारी स्कूल की तस्वीर बदली

गाजियाबाद के लिए बेसिक शिक्षा क्षेत्र में यह सम्मान ज्योत्स्ना गोस्वामी के नाम रहा। राजापुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ननकागढ़ी की प्रधानाध्यापक ज्योत्स्ना गोस्वामी का चयन राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने विद्यालय में नामांकन बढ़ाने, स्कूल की सुविधाओं में सुधार और शिक्षा में नवाचार पर विशेष काम किया। उनके विद्यालय के बच्चे लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका यह सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण और बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को प्रदेश स्तर पर पहचान मिली है।
रेनू तोमर को राज्य अध्यापक पुरस्कार

माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में गाजियाबाद की रेनू तोमर, प्रधानाचार्य जवाहर लाल मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज, को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। रेनू तोमर ने पुरस्कार का श्रेय अपने विद्यार्थियों और साथी शिक्षकों को देते हुए कहा कि-
“बच्चों को उस तरह सिखाया जाए, जैसे वे सीख सकें, यही हमारे कॉलेज की संस्कृति है। यह सम्मान किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि विद्यालय की छात्राओं, शिक्षकों और पूरे विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है।“
डॉ. आनंद कुमार को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार

गाजियाबाद के लिए तीसरा बड़ा सम्मान डॉ. आनंद कुमार के नाम रहा। गोविंदपुरम स्थित महर्षि दयानन्द विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज के मानविकी अध्यापक डॉ. आनंद कुमार को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए चुना गया।
इस तरह गाजियाबाद से बेसिक और माध्यमिक, दोनों शिक्षा क्षेत्रों में शिक्षकों ने प्रदेश स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
गौतमबुद्ध नगर का भी बढ़ा मान, अर्चना पांडेय को राज्य अध्यापक पुरस्कार
गौतमबुद्ध नगर की शिक्षिका अर्चना पांडेय ने जिले का मान बढ़ाया। उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अर्चना पांडेय कम्पोजिट स्कूल पर्थला खंजरपुर, गौतमबुद्ध नगर में सहायक अध्यापक हैं। प्रदेश के 61 बेसिक शिक्षकों की सूची में उनका नाम शामिल रहा।

सम्मान के साथ 25 हजार रुपये और दो साल का सेवा विस्तार
सम्मान समारोह में शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र के साथ 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में प्रतिवर्ष 4,000 किलोमीटर तक निशुल्क यात्रा की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही उनकी सेवानिवृत्ति की सीमा में दो वर्ष का विस्तार किया जाएगा।
गाजियाबाद के लिए सिर्फ पुरस्कार नहीं, संदेश भी
शिक्षक दिवस पर गाजियाबाद के तीन शिक्षकों का प्रदेश स्तरीय सम्मान जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खास तौर पर तब, जब एक ही जिले से बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार, तीनों स्तरों पर प्रतिनिधित्व सामने आया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 10 की जगह सभी 81 शिक्षकों को स्वयं सम्मानित करने का फैसला इस समारोह का सबसे भावनात्मक पक्ष रहा। गाजियाबाद के इन तीन शिक्षकों के लिए भी यह शिक्षक दिवस केवल पुरस्कार पाने का दिन नहीं, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाने वाला यादगार अवसर बन गया।
