यूपी पुलिस SI भर्ती-2025 में बड़ा मोड़! नियुक्ति पत्र जारी करने पर हाई कोर्ट ने लगाई पाबंदी
5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 4,543 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले में अगली सुनवाई अब 5 अक्टूबर को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता की एकलपीठ ने श्याम सुंदर, कमलेश यादव व अन्य तथा यश पांडेय और 44 अन्य की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे तथा अधिवक्ता संजय कुमार यादव और आलोक मिश्र ने पक्ष रखा।
उत्तर-कुंजी में बदलाव को लेकर उठे सवाल
मामले की जड़ भर्ती परीक्षा की प्रोविजनल और फाइनल उत्तर-कुंजी में किए गए बदलाव से जुड़ी है। अधिवक्ता संजय कुमार यादव के मुताबिक, भर्ती बोर्ड ने 23 मार्च को प्रोविजनल ‘आंसर की’ जारी की थी, जबकि लिखित परीक्षा का परिणाम जारी होने के दिन 7 मई को ‘फाइनल आंसर की’ जारी की गई। इस दौरान कई प्रश्नों के उत्तरों में बदलाव किए गए।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि एक प्रश्न 2.5 अंक का था। उत्तरों में बदलाव के कारण कुछ अभ्यर्थी कुछ अंकों के अंतर से प्रभावित हुए। कुछ अभ्यर्थी ऐसे भी रहे जो लिखित परीक्षा के बाद अगली प्रक्रिया के लिए चयनित हुए, लेकिन 14 जुलाई को जारी अंतिम परिणाम में एक-दो अंकों के अंतर से बाहर हो गए।
अभ्यर्थियों ने बदले गए उत्तरों को लेकर आपत्तियां भी दर्ज कराईं, लेकिन उनका कहना है कि भर्ती बोर्ड की ओर से उनकी आपत्तियों पर अपेक्षित विचार नहीं किया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का रुख किया।
15.75 लाख से अधिक आवेदन, 10.77 लाख ने दी परीक्षा
उत्तर प्रदेश उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 का विज्ञापन 12 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। भर्ती के लिए 15 लाख 75 हजार 706 आवेदन प्राप्त हुए थे।
लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो-दो पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई को जारी हुआ, जिसमें 12,733 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए सफल घोषित किया गया। इसके बाद 14 जुलाई को अंतिम परिणाम जारी किया गया।
अब चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने की तैयारी चल रही थी। इसी बीच हाई कोर्ट के आदेश से नियुक्ति प्रक्रिया पर फिलहाल विराम लग गया है। रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारी भी की जा रही थी।
