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मेंटेनेंस शुल्क बढ़ोतरी पर जीडीए सख्त, विंडसर एंड नोवा में नई जीबीएम के निर्देश

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जीडीए ने डिप्टी रजिस्ट्रार से जांच और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

गाजियाबाद। सोसायटी में जीबीएम केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों से जुड़े फैसले लेने का वैधानिक मंच है। ऐसे में एजेंडा, चर्चा, प्रस्ताव, मतदान और मीटिंग के मिनट्स में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। जब इनमें से किसी भी स्तर पर सवाल उठते हैं, तो मामला महज एक फैसले का नहीं रहता, बल्कि पूरी व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ जाता है।

इंदिरापुरम की विंडसर एंड नोवा, शिप्रा सनसिटी सोसायटी की 26 जुलाई 2026 को हुई जीबीएम को लेकर उठी आपत्तियों ने इसी सवाल को सामने ला दिया है। शिकायतों के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने नई जीबीएम बुलाकर संबंधित प्रस्तावों पर दोबारा विचार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बैठक की सूचना, एजेंडा, क्वोरम, मतदान और पूरी कार्यवाही का विधिवत रिकॉर्ड तैयार करने को कहा गया है। 

26 जुलाई के प्रस्ताव फिर आमसभा में आएंगे

जीडीए के आदेश के अनुसार 26 जुलाई की जीबीएम में जिन विषयों और प्रस्तावों पर विचार किया गया और जिन्हें मंजूरी दी गई, उन पर नई जीबीएम में दोबारा विचार किया जाएगा। इसके लिए सभी पात्र अपार्टमेंट स्वामियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सूचना देनी होगी।

नई बैठक की सूचना में तारीख, समय, स्थान और एजेंडा स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा। बैठक की प्रक्रिया एसोसिएशन के पंजीकृत उपनियमों और लागू नियमों के अनुरूप कराने के भी निर्देश हैं।

मेंटेनेंस शुल्क बढ़ोतरी का आधार बताना होगा

आदेश में मेंटेनेंस शुल्क से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता दी गई है। यदि शुल्क में वृद्धि प्रस्तावित या लागू की जाती है तो उसका आधार, वर्तमान और प्रस्तावित दर, संबंधित खर्च का विवरण तथा उपलब्ध आय-व्यय और वित्तीय अभिलेख आमसभा के सामने रखने होंगे।

इसका उद्देश्य यह है कि अपार्टमेंट स्वामियों के सामने शुल्क से संबंधित पूरा वित्तीय आधार हो और वे प्रस्ताव पर अपना मत रख सकें। 

क्वोरम, वोटिंग और मिनट्स का पूरा रिकॉर्ड जरूरी

नई जीबीएम में गणपूर्ति, मतदान और प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया लागू कानून, नियमों और एसोसिएशन के पंजीकृत उपनियमों के अनुसार सुनिश्चित करनी होगी। जीडीए ने उपस्थिति पंजिका, बैठक की सूचना दिए जाने का रिकॉर्ड, एजेंडा, प्रस्ताव, मतदान का विवरण और बैठक के मिनट्स विधिवत तैयार कर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। नई जीबीएम में पारित प्रस्तावों और निर्णयों की प्रमाणित कार्यवाही भी प्राधिकरण को उपलब्ध करानी होगी। 

नई जीबीएम तक पुराने फैसलों के आधार पर कार्रवाई नहीं

आदेश में यह भी महत्वपूर्ण निर्देश दिया गया है कि नई जीबीएम की कार्यवाही पूरी होने तक 26 जुलाई की विवादित कार्यवाही के आधार पर ऐसा कोई नया निर्णय या कार्रवाई प्रभावी नहीं की जाए, जिससे अपार्टमेंट स्वामियों के अधिकार या वित्तीय दायित्व प्रभावित हों।

नई जीबीएम में निर्णय होने या सक्षम वैधानिक प्राधिकारी की ओर से कोई अन्य निर्देश दिए जाने तक इस संबंध में आगे की कार्रवाई नहीं करने को कहा गया है।

प्राधिकरण ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य 26 जुलाई की जीबीएम को वैध या अवैध घोषित करना नहीं है। शिकायतों और आपत्तियों के मद्देनजर संबंधित विषयों पर पारदर्शी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा विचार का अवसर देना इस कार्रवाई का उद्देश्य है।

डिप्टी रजिस्ट्रार को भी जांच और कार्रवाई के निर्देश

आदेश की प्रति डिप्टी रजिस्ट्रार को भी भेजी गई है। प्राधिकरण ने 26 जुलाई की जीबीएम से संबंधित शिकायतों और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण कर अपने अधिकार क्षेत्र और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। 

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