योगी सरकार की बड़ी पहल: यूपी में “शहरी पुनर्विकास नीति” लागू, अब शहर होंगे स्मार्ट, स्वच्छ और आत्मनिर्भर!
हमारे शहर सिर्फ इमारतें नहीं, जीवंत सामाजिक संरचनाएं हैं: सीएम
1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में निर्णायक कदम 
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विशेष संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम में राज्य की नई शहरी पुनर्विकास नीति (Urban Redevelopment Policy) की घोषणा की। इस नीति का लक्ष्य प्रदेश के शहरों को आधुनिक, स्वच्छ, हरित और समावेशी शहरी केंद्रों में बदलना है।
मुख्यमंत्री ने कहा:
“हमारे शहर सिर्फ इमारतों का समूह नहीं हैं, बल्कि ये जीवंत सामाजिक संरचनाएं हैं। यह नीति हमारे शहरी जीवन को नई ऊर्जा और दिशा देगी।”
स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित शहरों पर फोकस
नई नीति के तहत राज्य के सभी प्रमुख शहरों में नाली व्यवस्था, हरित क्षेत्र, और विरासत स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा। साथ ही, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट को प्रोत्साहन देने के लिए मेट्रो, RRTS (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) और रोपवे नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
राज्य सरकार ने इस वर्ष 35 करोड़ पौधारोपण, नदियों के पुनर्जीवन (गोरखपुर मॉडल) और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी परियोजनाओं पर भी विशेष बल दिया है।
भूमि पुनर्गठन से आवास और वाणिज्यिक विकास को बढ़ावा
नीति का एक प्रमुख उद्देश्य है अल्प-उपयोगी और अतिक्रमित भूमि का पुनर्गठन। इन भूमियों को मिश्रित उपयोग (Mixed Use) के लिए विकसित किया जाएगा, जिसमें आवासीय, व्यावसायिक और मनोरंजन क्षेत्र शामिल होंगे। इससे न केवल झुग्गी-पुनर्वास को गति मिलेगी बल्कि 17 जिलों में तेजी से फैल रहे शहरी विस्तार (Urban Sprawl) पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।
सतत और स्मार्ट विकास का नया रोडमैप
राज्य सरकार की योजना है कि 17 स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत मेट्रो, RRTS और रोपवे का जाल बिछाया जाए। बुंदेलखंड में ₹1,824 करोड़ की सड़क परियोजनाएँ शुरू की गई हैं, जबकि सौर ऊर्जा और विद्युत क्षमता विस्तार जैसे कदम सतत ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
ई-गवर्नेंस से सशक्त होंगे नगर निकाय
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के नगर निकायों को ई-गवर्नेंस, म्युनिसिपल बॉन्ड्स और राजस्व सुधारों के ज़रिए मजबूत बनाया जाएगा। अब तक 127 नए स्थानीय निकायों का गठन हो चुका है, और नगरपालिकाओं की आय में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
“हम नागरिकों को शासन की मुख्यधारा में लाकर आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नगर प्रशासन की स्थापना कर रहे हैं” – योगी आदित्यनाथ
विकसित यूपी@2047: निवेश और विरासत दोनों पर जोर
योगी सरकार ने अब तक 36 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश आकर्षित किए हैं, जबकि अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे सांस्कृतिक शहर अब वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। नई नीति के तहत पायलट प्रोजेक्ट्स जल्द ही लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में शुरू होंगे।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
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विरासत स्थलों और हरित क्षेत्रों का पुनर्विकास
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मेट्रो, RRTS और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट को प्रोत्साहन
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भूमि पुनर्गठन से आवासीय और वाणिज्यिक विकास
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ई-गवर्नेंस और राजस्व वृद्धि पर जोर
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1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर “विकसित यूपी@2047”
